गुलाब

27 सितम्बर 2019   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (472 बार पढ़ा जा चुका है)

गुलाब

🥀🥀🥀🥀गुलाब🥀🥀🥀🥀🥀
🥀🥀तेरी हीं अद्भुत रचना मैं हूँ🥀🥀
🥀खुशबू फैला कर मुरझा जाता हूँ🥀
🥀सिंचित करता वनमाली पर,🥀
🥀अनजाने में चुभ पीड़ा पहुँचाता हूँ🥀
🥀चाहा मगर, काँटों को छुपा नहीं पाता हूँ🥀
🥀🥀🥀डॉ. कवि कुमार निर्मल 🥀🥀🥀


अगला लेख: विश्व शांति दिवस पर



शोभा भारद्वाज
28 सितम्बर 2019

अति सुंदर भाव

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
15 सितम्बर 2019
💐💐 "एतवार पर एतबार" 💐💐 समेट पलकों को रखूँ कहाँ? पलकों को कैद तुमने जो कर रखा है। खुला है सदा- दरवाज़ा दिल का,दिल में एक कोना महफूज़ तेरा रखा है।।💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐काश हमें बाजू से--हर गुज़रने वालों की--अनसुनी धड़कनों का--जरा भी अहसास होता।दुजों के लबों पे--आए मुस्कान बस--ये हमारा मुक
15 सितम्बर 2019
01 अक्तूबर 2019
'कलाकृतिश्रष्टाओं' को नमन् है।''प्रतिमा'' का 'विसर्जन गलत है।।सगुण साधना का प्रथम चरण है।ईश्वरत्व हेतु "अंत: यात्रा" तंत्र है।।🙏 डॉ. कवि कुमार निर्मल 🙏
01 अक्तूबर 2019
03 अक्तूबर 2019
रात अभी बहुत कुछ बाकी हैरात होने को आई आधी हैलिखना बाकी अभी प्रभाती हैनक्षत्र "विशाखा" ऋतु- ''शरद" शुभकारी हैकल 'पंचमी', नक्षत्र अनुराधा, कन्या साथी हैस्वर्ण आभुषण प्रिये को देता पर प्लाटिनम-कार्ड खाली हैकवि उदास, कह लेता हूँ मृदु 'दो शब्द', कहना काफी हैडॉ. कवि कुमार निर्मल
03 अक्तूबर 2019
सम्बंधित
लोकप्रिय
17 सितम्बर 2019
09 अक्तूबर 2019
19 सितम्बर 2019
06 अक्तूबर 2019
खि
03 अक्तूबर 2019
17 सितम्बर 2019
17 सितम्बर 2019
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x