पूजा

01 अक्तूबर 2019   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (422 बार पढ़ा जा चुका है)

पूजा

'कलाकृतिश्रष्टाओं' को नमन् है।

''प्रतिमा'' का 'विसर्जन गलत है।।

सगुण साधना का प्रथम चरण है।

ईश्वरत्व हेतु "अंत: यात्रा" तंत्र है।।

🙏 डॉ. कवि कुमार निर्मल 🙏

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