घर

09 अक्तूबर 2019   |  आरती महापात्र   (417 बार पढ़ा जा चुका है)

लड़किया चिड़िया होती हैं, पर पंख नही होते लडकियों के।

मायके भी होते हैं, ससुराल भी होते हैं; पर घर नहीं होते लडकियों के।

माँ-बाप कहते हैं बेटियां तो पराई हैं, ससुराल वाले कहते है कि ये पराये घर से आई हैं।

भगवान! अब तु ही बता- ये बेटियां किस घर के लिए तुने बनाई हैं।

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