फलादेश

20 अक्तूबर 2019   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (2546 बार पढ़ा जा चुका है)

फलादेश

69 वें "जन्म दिन" पर मेरा शुभकारी "फलादेश

सूर्य में राहु का उपद्रव- 2020 के बाद सुधार

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कहते सुना सबसे कि मैंने खोया हीं खोया।

टघरते आँसुओं की धार- पीया हीं पीया।।

दिल हुआ छलनी, वज़ूद ज़ार - ज़ार हुआ।

सब खोया मगर, तेरा मैं तेरा "प्यार" हुआ।।

शौहरत-दौलत की- कत्तई ख़्वाहिश न थी,

आफ़ताब के आगोश में शीतल, तुष्ट हुआ।

कौन (?) कहता है भला, मैं रे! बरबाद हुआ।

बाबा का प्यार झोली में भर चलता हीं रहा।।

🙏🙏🙏डॉ. कवि कुमार निर्मल🙏🙏🙏

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