वक़्त पड़ने पे बिछाने के काम आता हूँ

25 अक्तूबर 2019   |  गौरव गाफिल   (428 बार पढ़ा जा चुका है)

मैं जमाने को हंसाने के काम आता हूँ .

किसी का दर्द मिटाने के काम आता हूँ .

मुझको अखबार पुराना समझ के फेंको न यूँ .

वक़्त पड़ने पे बिछाने के काम आता हूँ .



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