दोहा

30 अक्तूबर 2019   |  महातम मिश्रा   (409 बार पढ़ा जा चुका है)

"दोहा"


चाँद आज का मनचला, करता बहुत किलोल।

लुक्का-छुप्पी खेलकर, हो जाता है गोल।।-1


साजन करवा चौथ का, है निर्जल उपवास।

जल्दी लाना चाँद घर, चिलमन चलनी खास।।-2


मुखड़ा तेरा देखकर, बुझ जाएगी प्यास।

साजन तुम दीर्घायु हो, यहीं चाँद से आस।।-3


रूप निखारूँगी सजन, कर सोलह शृंगार।

तेरे खातिर रात-दिन, रहती पिय बेजार।।-4


चाँद गगन सह चाँदनी, खेल रहा है खेल।

छुप जाता है जानकर, मानों कैदी जेल।।-5


वक्त-वक्त की बात है, घटता बढ़ता रोज।

गौतम प्रिय विनती करूँ, लाना चंदा खोज।।-6


महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी

अगला लेख: नुक्कड़ की मुलाकात



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x