चाँद और सूरज

31 अक्तूबर 2019   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (431 बार पढ़ा जा चुका है)

चाँद और सूरज

'चाँद' को लख- मन को बहुत हीं सुकून मिलता है।

'सूरज' को लख कर पत्थर भी पिधल बह जाता है।।

डॉ. कवि कुमार निर्मल

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