पत्थर से प्यार कर

08 नवम्बर 2019   |  शिवदत्त   (455 बार पढ़ा जा चुका है)

ज़िन्दगी है सीखेगा तू गलती हजार कर
किसने कहा था लेकिन पत्थर से प्यार कर |

पत्थर से प्यार करके पत्थर न तू हो जाना
पथरा न जाये आँखे पत्थर का इन्तेजार कर |

ख़्वाब में भी होता उसकी जुल्फों का सितम
मजनूं बना ले खुद को पत्थर से मार कर |

सिकंदर बन निकला था दुनिया को जीतने
पत्थर सा जम गया है पत्थर से हार कर |

मुकद्दर पर न छोड़ अब हाथ में उठा ले
पत्थर तराश दे तू पत्थर औज़ार कर |

©शिवदत्त श्रोत्रिय

http://shivduttshrotriya.blogspot.com/2019/11/blog-post.html

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