परम लक्ष्य

22 नवम्बर 2019   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (479 बार पढ़ा जा चुका है)

परम लक्ष्य

घनात्मक भाव मन में प्रविष्ट कर संचित हो पायें
ऋणभाव निकस कर गंगा धार संग बह जायें
जागतिक् एषणाएं पोषित कर नहीं ललचायें
सहज जीवन यापन कर सद् गति पायें
अनंत भुभुक्षा त्याग हरिपद में रम जायें

डॉ. कवि कुमार निर्मल


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