नफ़रत और मोहब्बत

04 दिसम्बर 2019   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (3424 बार पढ़ा जा चुका है)


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💓 नफ़रत करने वालों को 💓
💓💓गले मैं लागाता हूँ।💓💓
💓💓रक़ीब गर हो,💓💓
अहबाब समझ सर झुकाता हूँ।।

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💕💕 💕 निर्मल 💕 💕💕

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