बसे आँख में श्याम सुंदर हमारेl

06 दिसम्बर 2019   |  rajkishor मिश्रा   (421 बार पढ़ा जा चुका है)

मापनी--- १२२, १२२, १२२, १२२

बसे आँख में श्याम सुंदर हमारेl
सखी प्रीति पावन समुंदर सहारेl
बसाया हिए ज्ञान गीता विधाता-
सुधा सार संसार अंदर तुम्हारेl
राजकिशोर मिश्र'राज' प्रतापगढ़ी

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