शंखनाद्

03 जनवरी 2020   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (652 बार पढ़ा जा चुका है)

शंखनाद्

शंखनाद्


शुभदिन आज भी आह्लादित कर जाएगा
परम अराध्य का सामिप्य मन पा जाएगा
प्रचण्ठ तृष्णा- सानिध्य की एषणा गहराई,
सद्गुरु कृपा से सांजुज्य पा यह भक्त तर जाएगा
मैली चादर मन की धुल, आभा से भर जाएगा


डॉ. कवि कुमार निर्मल


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