Inspirational Hindi poetry on love and life - वख्त ; अर्चना की रचना

12 जनवरी 2020   |  अर्चना वर्मा   (368 बार पढ़ा जा चुका है)

Inspirational Hindi poetry on love and life - वख्त


ज़िन्दगी और प्रेम पर आधारित प्रेरणात्मक हिंदी कविता


वख्त


वख्त जो नहीं दिया किसी ने
उसे छीनना कैसा
उसे मांगना कैसा
छिनोगे तो सिर्फ २ दिन का ही सुख पाओगे
और मांगोगे तो लाचार नज़र आओगे
छोड़ दो इसे भी वख्त के हाल पर
जो जान कर सो गया , उसे जगाना कैसा

वख्त जो किसी के साथ गुज़ार आये
उसका पछतावा कैसा
उसका भुलावा कैसा
पछता के भी बीते कल को न बदल पाओगे
पर भूल कर उसे ज़रूर एक नया कल लिख पाओगे
तोड़ लो बीते कल की जंजीरों को
ये सर्पलाता है , इनसे लिपट कर, जीना कैसा

वख्त तो एक दान है
दिल से दिया तो पुण्य
और गिना दिया तो सब पुण्य बेकार है
जिसको मिला वो निर्धन, जिसने दिया वो धनवान है
और जो दे दिया किसी को, उसका गिनाना कैसा ……..

अर्चना की रचना “सिर्फ लफ्ज़ नहीं एहसास”

और पढ़ें :-

Yadon Ki Nayee Subeh- Hindi motivational poetry to move on

Inspirational Hindi poetry on love and life - वख्त> अर्चना की रचना

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