हाय पैसा तूने क्या किया

14 जनवरी 2020   |  वीरेन्द्र कुमार पटेल   (2959 बार पढ़ा जा चुका है)

हाय पैसे तूने क्या किया ?

हाय पैसे तूने क्या किया,

मनुष्य को मनुष्य न रहने दिया,

सारे बंधन और रिश्ते तूने,

यों ही तोड़ा,

मर्यादा तूने क्यों तोड़ा,

हाय पैसा तूने क्या किया।

मानव जन को तूने,

कौन-सी खायी में ढकेला,

सारी संवेदना की पड़ताल कर,

मनुष्य को संवेदनहीन कर छोड़ा,

हाय पैसा तूने क्या किया?

भाई- भाई के बीच तूने दीवार बन,

भाईचारा को कहीं न छोड़ा,

रिश्ते सारे तौले गए हैं,

आज पैसे तौले जाते,

लोग फिर बाद में पश्चाताते,

हाय पैसा तूने मुझे कहीं का न छोड़ा ।।

प्रेम, दया, करुणा, सद्भावना,

सारी मानवता मर गई,

तेरे आगे झुक गई दुनिया सारी,

पैसे तूने ये क्या किया?


द्वारा- वीरेन्द्र कुमार पटेल (पिनाक)

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