साहिल

18 जनवरी 2020   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (396 बार पढ़ा जा चुका है)

साहिल


"साहिल"


साहिल बहुत है दूर
किश्ती डगमगा रही है
बालू का आशियाना,
हवा धमका रही है


डॉ. कवि कुमार निर्मल

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