"अंधेरा ना फटके! "

23 जनवरी 2020   |  सुखमंगल सिंह   (386 बार पढ़ा जा चुका है)

"अंधेरा ना फटके! "

"अंधेरा ना फटके! "

----------

अन्धकार ना आये

कुछ ऐसा जातां करो !

सेना बन खड़े रहो

ऐसी हूंकार भरो |

*

भारत का बच्चा -बच्चा

जब तक पूर्णतया

सच का लबादा लेकर

ना उठकर जागेगा

असत्य- हवा बहेगी

हिल- हिल के कांपेगा ?

*

पाषाण पैच बनाकर

सत्य लतियाता मिलेगा

बहाने आसमान के

वह धकियाता मिलेगा

धरा पर आना -जाना

गाना गाता मिलेगा |

मनसा मनोबल 'मंगल'

जागो- जगाना होगा |

*

बागी बनाने के पहले ही

अँधियारा मिटाना होगा |

जो अपरिचित हैं उनको भी

सड़क घेर चलने के चाव में

और वे जी रहे पूरे तनाव में

आया गिरफ़्त मछेरे का बयान

उछल कूद आ गया मेरे नाव में |

-सुखमंगल सिंह ,अवध निवासी

अगला लेख: धर्म की आस्था पर हम सभी एक हैं



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x