वसंत ऋतु आगमन्

03 फरवरी 2020   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (377 बार पढ़ा जा चुका है)

वसंत ऋतु आगमन्

🍀🎄🍃🌿🌴🌴🌿🍃🎄

वंसंत ऋतु के अद्भुत सौन्दर्य ने,

मेरे हृदय में पुरजोर अगन है लगाई!

🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥 🔥 🔥

तुझे पाने की चाहत ने मेरे हिया में,

अश्कों की नदियाँ कई बहवाई!!

💦💦💦💦💦💦💦 💦 💦

प्रगाड़ नींद्रा से झकझोर मुझे तुमने जगाया!

तन्द्रा को रक्तिम-तिव्र किरणों से दूर भगाया!!

☀☀☀☀☀☀☀☀☀ ☀ ☀

अहिर्निष तुम्हारे लिए मैं तड़प- तरस रहा हूँ!

तुम कब आओगे, पथ को एकटक तक रहा हूँ!!

🐾🐾🐾🐾🐾🐾🐾🐾🐾 🐾 🐾 🐾

जड़ता पाश में बंध मैं नींद्रा में खो भ्रमित स्तब्ध हूँ!

दिव्य श्नेहमय ऊष्ण स्पर्श से तन्द्रा-मुक्त हुआ हूँ!!

💢✨🌟💫💥 🌟 🌟 💥💫🌟✨ 🌟 🌟 🌟

तेरी करुणा से अब जागृत हो संभल चुका हूँ!

तुम्हारी अहेतुकी कृपा हेतु मैं अति व्यध्र हूँ!!

😒😒😒😒😒😒😒😒😒😒 😒

अतुल ब्रह्माण्ड में तुम अतुलनीय हो!

तुम हर स्थान से उपर,- कालातीत हो!!

🌐🌐🌐🌐🌐🌐🌐🌐🌐🌐🌐

🌐🌐🌐🌐🌐🌐🌐🌐 🌐🌐🌐🌐

चिदाकाश, तुम मेरे मानस पटल पर स्थापित हो!

समझ रहा हूँ प्रभु मैं- तुम कण-कण के वासी हो!!

🌸🌸💐🌸🌷🍀🌹🌻🌺🌼🍁 🌸 🌸

चहुओर सुगंधित पुष्पों से नभ मण्डल सुवासित है!

हिमगिरि पिधल बन रहा चहुँदिसि वारी है!!

🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍 🎍 🎍 🎍

सब कुछ है मगर तुम क्यों नहीं अब आ रहे हो?

कहते हो मन मैं तेरे हूँ बैठा! दरस नहीं दे पा रहे हो??

😭😭😭😭😭😭😭😭😭 😭 😭 😭

🙏🙏🙏 डॉ. कवि कुमार निर्मल 🙏🙏🙏

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