भैलेंटाइन परचम्

10 फरवरी 2020   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (2311 बार पढ़ा जा चुका है)

भैलेंटाइन परचम्

भैलेंटाइन परचम्


पता नहीं था, आज भैलेंटाइन डे चल कर है आता
दिन में याद दिलाते गर तो गिफ्ट-विफ्ट ले आता
साथ बैठ मोटेल में मटर-पनीर-पुलाव खाता
उपर से मिष्टी आदतन रस-मलाई चार गटक जाता
चल- रात हुई बहुत अब और जगा नहीं जाता
भैलेंटाइन की बची-खुची कसर की पूरी कर पाता


डॉ. कवि कुमार निर्मल

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