क्षत्रपति शिवा जी

24 फरवरी 2020   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (2353 बार पढ़ा जा चुका है)

क्षत्रपति शिवा जी

🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞
"बचपन" से हीं जिस वीर शिवा ने सुनेतृत्व निभाया!
युद्ध - चक्रव्युह रच मिट्टी -

बालू के कीले पर ध्वज फहराया!!
🎌🎌🎌🎌🎌🎌🎌

१६ साल का तरुण ने, पुणे के तोरण दुर्ग पर परचम् लहराया!
बीजापुर के आदिलशाह को लोहे के चने वीर शिवा चबवाया!!
⛺🎪⛺🎪⛺🎪⛺🎪⛺
प्रपंच से पिता शाह को बंदी कर,

शिवा का क्रोध बढ़ाया
आनन-फानन छापामारी कर

पिता को आजाद करवाया!!
🎠🎠🎠🎠🎠🎠🎠🎠🎠🎠
पुरंदर-जावेली किलों पर

आधिपत्य कर वे दिखलाए!
औरंजेब की संधि कर भारी,

२४ किलों को मुक्त करवाए!!
🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡
आगरा-निमंत्रण दे,

कारा में शिवा को बंद करवाया!
चेतक के स्वामी को क्या (?)

कभी कोई रोक है पाया?
🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡
पराक्रम से २४ किलों पर पुन:

भगुआ ध्वज लहराया!
बहादुर शिवा क्षत्रपति जी,

कट्टरपंथी हिंदू कहलाया!!
सहिष्णुता का पक्षधर,

मंदीर-मस्जिद कई बनवाया!!!
🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡
हर 'दशहरे' पर वह नया 'शुभ महोत्सव प्रारम्भ वह करवाता!
इहलोक से वीर १६८० में गमन कर देश को सूना कर जाता!!
🎡 🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡
भारतवर्ष में शिवांश जब

हर पुरुष को जागृत होना होगा!
कलपती माँ के आंसू पोंछ कर,

कोई वीर पुत्र कहलाएगा!!
🎡 🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡 🎡 🎡
🙏🙏 डॉ• के• के• निर्मल 🙏🙏


अगला लेख: शायरी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
26 फरवरी 2020
भगवान् "प्रेम" का हीं दुजा नाम है।न वो मूरत में या फिर मकान में है।।उसे चाहते हो बँधु गर तुम पाना,प्रेम का रास्ता बहुत हीं आसान है।अंतरजगत में तीर्थाटन जो करता,वही साघक सिद्ध और महान है।।🙏 🙏 🙏निर्मल🙏 🙏 🙏🙏👣ह👣रि👣प👣द👣🙏
26 फरवरी 2020
09 मार्च 2020
होली का अर्थ हुआ बँधुओं, हम भगवान् के होलिएतन-मन-धन-समय-सांस-संकल्प भगवान् के लिएभगवान् की ही अहेतुकी कृपा के फलस्वरुप हम हुएविगत बातों को कहते हम सब- "होली" सो होलीशंकर के भक्त भ्रमित हो गटक रहे रे भंग की गोलीपवित्रता को फिरंगियों ने भी सहृदय कहा सदा होलीये तीनों अर्थ हम सब के लिए श
09 मार्च 2020
28 फरवरी 2020
मेरा न्यारा देश है ये भारतदीप जले घर-घर, हर आँगनरंग-बिरंगी सजी रंगोली द्वारों परप्रिये का श्रृंगार देख, इठलाये साजनविजय-ध्वजा फहरे हर चौबारेवीरों का ये देश राष्ट्र की सीमा संवारेपाई हर बच्चे ने आज महारथदेश-प्रेम से बड़ा न कोई स्वारथजग-मग करता मेरा प्यारा भारतस्वरचित ©®★★★★★★★★★★★★★★प्रेरणात्मक सृजन
28 फरवरी 2020
02 मार्च 2020
दे
*देशभक्ति की भूख*प्रिय स्नेही मित्रों जय श्रीकृष्णा *देशभक्ति की भूख* मैंं जाति से ब्राह्मण पं0 रमाकान्त मिश्र हूँँ, लेकिन आज मैं एक ठाकुरवादी (राजपूताना) पोस्ट लिख रहा हूं।राजपूतोंं के बारे में कहा जाता है.. अजी साहब बहुत भेदभाव हुआ दलितों के साथ।उनसे खेतों में काम कराया गया।हरवाह
02 मार्च 2020
09 मार्च 2020
होली का अर्थ हुआ बँधुओं, हम भगवान् के होलिएतन-मन-धन-समय-सांस-संकल्प भगवान् के लिएभगवान् की ही अहेतुकी कृपा के फलस्वरुप हम हुएविगत बातों को कहते हम सब- "होली" सो होलीशंकर के भक्त भ्रमित हो गटक रहे रे भंग की गोलीपवित्रता को फिरंगियों ने भी सहृदय कहा सदा होलीये तीनों अर्थ हम सब के लिए श
09 मार्च 2020
18 फरवरी 2020
🕉️🕉️🕉️🐚🐚सृष्टि-रहस्य🐚🐚🕉️🕉️🕉️‘महाशुन्य’ ‘ब्रह्म-एषणा’ की छद्म अभिव्यक्ति!"व्यष्टि" में लुप्त हुई समस्त- अव्यक्त "समष्टि"!!धूम्र-वर्ण निहारिका, अपार व्योम दृष्टव्य सारा!चकाचौंध तारे, हटात् उभरा अशुभ पुच्छ्ल तारा!!धूम्रकेतु- सप्त-ॠषि- मनोहर निहारिकायेंअतुल सृष्टि का मनमोहक अद्भुत भण्डारण!स
18 फरवरी 2020
18 फरवरी 2020
🕉️🕉️🕉️🐚🐚सृष्टि-रहस्य🐚🐚🕉️🕉️🕉️‘महाशुन्य’ ‘ब्रह्म-एषणा’ की छद्म अभिव्यक्ति!"व्यष्टि" में लुप्त हुई समस्त- अव्यक्त "समष्टि"!!धूम्र-वर्ण निहारिका, अपार व्योम दृष्टव्य सारा!चकाचौंध तारे, हटात् उभरा अशुभ पुच्छ्ल तारा!!धूम्रकेतु- सप्त-ॠषि- मनोहर निहारिकायेंअतुल सृष्टि का मनमोहक अद्भुत भण्डारण!स
18 फरवरी 2020
10 फरवरी 2020
भैलेंटाइन परचम्पता नहीं था, आज भैलेंटाइन डे चल कर है आतादिन में याद दिलाते गर तो गिफ्ट-विफ्ट ले आतासाथ बैठ मोटेल में मटर-पनीर-पुलाव खाताउपर से मिष्टी आदतन रस-मलाई चार गटक जाताचल- रात हुई बहुत अब और जगा नहीं जाताभैलेंटाइन की बची-खुची कसर की पूरी कर पाताडॉ. कवि कुमार निर्मल
10 फरवरी 2020
सम्बंधित
लोकप्रिय
12 फरवरी 2020
14 फरवरी 2020
03 मार्च 2020
29 फरवरी 2020
10 फरवरी 2020
26 फरवरी 2020
05 मार्च 2020
22 फरवरी 2020
22 फरवरी 2020
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x