क्षत्रपति शिवा जी

24 फरवरी 2020   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (2360 बार पढ़ा जा चुका है)

क्षत्रपति शिवा जी

🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞
"बचपन" से हीं जिस वीर शिवा ने सुनेतृत्व निभाया!
युद्ध - चक्रव्युह रच मिट्टी -

बालू के कीले पर ध्वज फहराया!!
🎌🎌🎌🎌🎌🎌🎌

१६ साल का तरुण ने, पुणे के तोरण दुर्ग पर परचम् लहराया!
बीजापुर के आदिलशाह को लोहे के चने वीर शिवा चबवाया!!
⛺🎪⛺🎪⛺🎪⛺🎪⛺
प्रपंच से पिता शाह को बंदी कर,

शिवा का क्रोध बढ़ाया
आनन-फानन छापामारी कर

पिता को आजाद करवाया!!
🎠🎠🎠🎠🎠🎠🎠🎠🎠🎠
पुरंदर-जावेली किलों पर

आधिपत्य कर वे दिखलाए!
औरंजेब की संधि कर भारी,

२४ किलों को मुक्त करवाए!!
🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡
आगरा-निमंत्रण दे,

कारा में शिवा को बंद करवाया!
चेतक के स्वामी को क्या (?)

कभी कोई रोक है पाया?
🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡
पराक्रम से २४ किलों पर पुन:

भगुआ ध्वज लहराया!
बहादुर शिवा क्षत्रपति जी,

कट्टरपंथी हिंदू कहलाया!!
सहिष्णुता का पक्षधर,

मंदीर-मस्जिद कई बनवाया!!!
🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡
हर 'दशहरे' पर वह नया 'शुभ महोत्सव प्रारम्भ वह करवाता!
इहलोक से वीर १६८० में गमन कर देश को सूना कर जाता!!
🎡 🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡
भारतवर्ष में शिवांश जब

हर पुरुष को जागृत होना होगा!
कलपती माँ के आंसू पोंछ कर,

कोई वीर पुत्र कहलाएगा!!
🎡 🎡🎡🎡🎡🎡🎡🎡 🎡 🎡
🙏🙏 डॉ• के• के• निर्मल 🙏🙏


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