सफलता

29 फरवरी 2020   |  सोहमकुमार चौहान   (275 बार पढ़ा जा चुका है)

कभी मत रहो आश्रित किस्मत पर केवल

करो तुम मेहनत, तभी होंगे तुम सफल


पहले तुम्हारे काम अटकते हुए दिखेंगे

पहले तुम्हारे मार्ग भटकते हुए दिखेंगे

कुछ समझ में न आए तभी जब तुम्हें

मन से ताकत खिसकते हुए दिखेंगे

धीरे - धीरे बाद में तुम जाओगे संभल

करो तुम मेहनत, तभी होंगे तुम सफल


छांव धूप से तुम्हे डराती हुई आयेगी

सुस्ती तुम्हे आलस्य सिखाती हुई आयेगी

जब इन सभी से काम नहीं बने तो

किसी और की गिरावट दिखाती हुई आयेगी

इन सब को पीछे छोड़कर तुम आओगे अव्वल

करो तुम मेहनत, तभी होंगे तुम सफल


जब काम बाजू रखकर तुम सोने वाले हो

तब काम रुक जाएगा, तुम रोने वाले हो

वक़्त पर तुम अगर नहीं जागे तो

अपने हाथों से सबकुछ खोने वाले हो

तन - मन से निकलो बदबूदार यह तरल

करो तुम मेहनत, तभी होंगे तुम सफल

अगला लेख: नारी आदिशक्ति



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
सम्बंधित
लोकप्रिय
10 मार्च 2020
11 मार्च 2020
मो
16 फरवरी 2020
29 फरवरी 2020
भू
03 मार्च 2020
27 फरवरी 2020
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x