झारण्डी

10 मार्च 2020   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (268 बार पढ़ा जा चुका है)

झारण्डी

ओ' मेरे रंगरेज़ बता कैसे- तेरे रंगों से मैं भर जाऊँ?

विधा न आवे, राग नहीं; कैसे गीत गा तुझे रिझाऊँ??

निर्मल

झारण्डी

अगला लेख: शायरी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
23 मार्च 2020
दिखती है जिसमें मां की प्रतिच्छवि वह कोई और नहीं होती है बान्धवि जानती है पढ़ना भ्राता का अंतर्मन अंतर्यामी होती है ममतामयी बहन है जीवन धरा पर जब तक है वेगिनी उत्सवों में उल्लास भर देती है भगिनी :- आलोक कौशिक संक्षिप्त परिचय:-नाम- आलोक कौशिकशिक्षा- स्नातकोत्तर (अंग्रेजी साहित्य)पेशा- पत्रकारिता एवं
23 मार्च 2020
27 फरवरी 2020
बेटीबेटे से बाप का बटवारायुगों से होता चला आया है!माँ को बाप से विलगा- शपीड़ा तक भी बटवाया है!!उसर कोख का ताना लेकोर्ट का चक्कर मर्द लगता है!कपाल क्रिया कर वहआधे का हक सहज पा जाता है!!बेटी सिंदूर लगवाएक साड़ी में लिपट साथ हो लेती है!माँ-बाप का दु:ख सुनते हींवह दौड़ी चली आती है!!मरने पर वह साथ न हो
27 फरवरी 2020
28 फरवरी 2020
अब तो हँसने में भी कोई गम छलक जाता है देखते हैं यह दर्द कहाँ तलक जाता है।
28 फरवरी 2020
29 फरवरी 2020
💖💖💖पिता💖💖💖एषणाओं के भंवरजाल मेंउलझ व्यर्थ हीं,व्यथित हो इहजगत् कोन बँधु झुठलाओ।तुममें है हुनर एवम्है अदम्य सामर्थ्य,अजपाजप गह'सबका मालिक एककह नित महोत्सव मनाओ।।हर साल "फादर्स डे" मना एक दिन३६४ भूल जाते आखिर क्यों (?) तुम!"पित्रि यज्ञ महामंत्र" नित्य उचर कर,आशीर्वाद भरपूर बटोर करसदगति रे मन पा
29 फरवरी 2020
03 मार्च 2020
भू
फूलों की बाग में,सुरों की राग में।शिक्षा की किताब में,खुशबू की गुलाब में।जो है भूमिका,वही तेरी मेरे जीवन में है!!मूर्ति की मंदिर में,आस्था की प्रार्थना में।विश्वास की मन में,आत्मा की तन में।जो है भूमिका,वही तेरी मेरे जीवन में है!!सूरज की दिन में,चंदा की रैन में।तारों की गगन में,मेघों की बरसात में।जो
03 मार्च 2020
18 मार्च 2020
उँचे सपने बिखर जाते हैं-बालू के टिब्बे की तरह!संतोष के गहने-चमक जाते हैं सोने की तरह!!DrKavi Kumar Nirmal
18 मार्च 2020
20 मार्च 2020
को
🙏कोरोना की विदाई🙏"कोरोना" की कर रहाचीन विदाई!भारत क्योंकर करे उनकी भरपाई?ठप्प हुआ आयात, आगे नाम मत लेनामेरे भाई।कैलाश-मानसरोवर लौटाए, भला करेगा उनका साईं।डॉ. कवि कुमार निर्मल
20 मार्च 2020
24 मार्च 2020
🙏🙏 समय की पुकार🙏🙏निरीह पशु-पँछियों को अपनीक्षुधा का समान मत बनाओइनमें जीवन है, इनको अपनोंसे वंचित कर रे नहीं तड़पाओखाद्यान्न प्रचूर है, और उगाओ"अहिंसा" का सुमार्ग अपनाओ🌳🌲🌼🌺🌷🌺🌼🌲🌳सौन्दर्य वर्धन हो धरा काशुन्य पर मत सब जाओपशु-पादप-वृक्ष-ताल-तलैया के
24 मार्च 2020
25 मार्च 2020
इं
इंद्रधनुषचिड़िया ने जब वर्षा के बाद सर उठाया, सामने चमचमाता हुआ इंद्रधनुषी दृष्य पाया ।घोंसले से देखा उसने दूर वादियों में,विशाल रंगबिरंगी काया दो पर्वतों के बीच में ।उस तक पहुंचने की चाह में बेसुध उड़ चलाइच्छा तीव्र हो तो भूख-प्यास क्या भला ?रास्ते में सर्द हवा, चील
25 मार्च 2020
24 मार्च 2020
🙏🙏 समय की पुकार🙏🙏निरीह पशु-पँछियों को अपनीक्षुधा का समान मत बनाओइनमें जीवन है, इनको अपनोंसे वंचित कर रे नहीं तड़पाओखाद्यान्न प्रचूर है, और उगाओ"अहिंसा" का सुमार्ग अपनाओ🌳🌲🌼🌺🌷🌺🌼🌲🌳सौन्दर्य वर्धन हो धरा काशुन्य पर मत सब जाओपशु-पादप-वृक्ष-ताल-तलैया के
24 मार्च 2020
09 मार्च 2020
होली का अर्थ हुआ बँधुओं, हम भगवान् के होलिएतन-मन-धन-समय-सांस-संकल्प भगवान् के लिएभगवान् की ही अहेतुकी कृपा के फलस्वरुप हम हुएविगत बातों को कहते हम सब- "होली" सो होलीशंकर के भक्त भ्रमित हो गटक रहे रे भंग की गोलीपवित्रता को फिरंगियों ने भी सहृदय कहा सदा होलीये तीनों अर्थ हम सब के लिए श
09 मार्च 2020
21 मार्च 2020
🐚🐚 कहानी कृष्ण की 🐚🐚 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️"कृष्ण जन्माष्टमी" हम हर्षित हो मनाते हैं।"कृष्ण लीला" आज हम सबको सुनाते हैं।।कारागृह में ''महासंभूति'' का अवतरण हुआ।दुष्ट कंस का कहर, जन जन का दमन हुआ।।जमुना पार बासु यशोधा के घर कृष्ण को पहुँचाये।''पालक माँ'' को ब्रह्माण्ड मुख गुहा में प्
21 मार्च 2020
25 मार्च 2020
जमुना किनारे, कन्हैया पधारेजमुना किनारे, कन्हैया पधारे ।वृंदावन घाट पे बंसी पुकारे ॥ मनमोहिनी तान जब मधुबन में गूंजे;थिरकती पवन को दिशा भी न सूझे ।हर जीव के मन में मुरली रच जाये;मोहन के मोह से कैसे बचा जाये ? गाय बछ्ड़े गोपाल के पास आकर बैठ गये;मोर प्रेम वर्षा में सहज ही झ
25 मार्च 2020
सम्बंधित
लोकप्रिय
12 मार्च 2020
21 मार्च 2020
पा
17 मार्च 2020
स्
24 मार्च 2020
05 मार्च 2020
03 मार्च 2020
26 फरवरी 2020
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x