समय की पुकार

24 मार्च 2020   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (274 बार पढ़ा जा चुका है)

समय की पुकार

🙏🙏 समय की पुकार🙏🙏


निरीह पशु-पँछियों को अपनी
क्षुधा का समान मत बनाओ
इनमें जीवन है, इनको अपनों
से वंचित कर रे नहीं तड़पाओ
खाद्यान्न प्रचूर है, और उगाओ
"अहिंसा" का सुमार्ग अपनाओ
🌳🌲🌼🌺🌷🌺🌼🌲🌳
सौन्दर्य वर्धन हो धरा का
शुन्य पर मत सब जाओ
पशु-पादप-वृक्ष-
ताल-तलैया के रक्षक बन जाओ
🍀🌵🍁🌴🌱🌴🍁🌵🍀
उष्णता से तपने वाली है वसुंधरा
कोरोना से भयाक्रांत हुई वसुंधरा
हरित क्रांति-कुछ शीतलता लाओ
दया कर क्रूर! प्रेम सुधा बरसाओ

चिपको आन्दोलन फिर दुहराओ
सात्विक बन- प्रभु नाम रे गाओ
पृथ्वी विनाश के कागार पर खड़ी
चेष्टा कर अब भी बचो- बचाओ

🌐 🌐 🌐 🌐🌐 🌐 🌐 🌐

🙏 डॉ. कवि कुमार निर्मल 🙏


समय की पुकार

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