कविता मौन ही होती है ...(कविता-संग्रह)

02 अप्रैल 2020   |  डॉ. देशराज सिरसवाल   (9958 बार पढ़ा जा चुका है)

कविता मौन ही होती है ...(कविता-संग्रह)

'कविता मौन ही होती है...’ मेरे द्वारा लिखित कविताओं का संग्रह है जो भिन्न-भिन्न समय और मानसिक अवस्था में लिखी गयीं हैं. कविता भावनाओं की अभिव्यक्ति होती है जिसमें व्यक्ति एक अलग ही तरह का मानसिक सुख पाता है. यह सुख व्यक्तिगत होता है लेकिन कई बार यह व्यक्तिगत से सार्वजनिक भाव भी रखता है.

भावनाएं कभी समाप्त नहीं होती बल्कि उनकी दिशा में परिवर्तन आ जाता है. उम्मीद हैं आपको ये पसंद आएँगी और आपका मार्गदर्शन हमें इसमें सुधार के लिए मिलेगा.


डॉ देशराज सिरसवाल

25 दिसम्बर 2019

कविता मौन ही होती है ...(कविता-संग्रह) : देशराज सिरसवाल

https://niyamakpoetry.blogspot.com/2019/12/blog-post.html

अगला लेख: सभी साथियों को डॉ भीम राव अम्बेडकर जी के जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।



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