माँ आपकी याद आती है

06 मई 2020   |  संजय सिन्हा   (1885 बार पढ़ा जा चुका है)

आप की याद आती है,

माँ......आप की याद आती है .........


अकेले हम जब भी होते हैं

यादों के वो पल संजोते हैं

कही अन्दर से चुपके से

नि:श्छ्ल प्रेम से झंकृत जो

मानसपटल पे अंकित वो

मधुर, स्मृति कौंध जाती हैं

बहुत ही याद आती है।।

माँ...... आप की याद आती है


वो रोटी में प्यार का मक्खन

वो गुझिया के खोए का मोयन

खाते हमे देखना प्यार से

निहारना एकटक हमको दुलार से

प्यार में डूबी वो नज़र आपकी

स्नेह में डूबी वो किरन आपकी

रोज़ तारों में टिमटिमाती है

बहुत ही याद आती है।

माँ...... आप की याद आती है



ठोकर हमें जब भी लगती थी ।

दर्द से आप सिसकती थीं ।।

अव्वल हम जबभी आते थे ।

गर्व से आप दमकती थी ।।

वो दमकना गर्व से औ दर्द से सहम जाना

वो लम्हे फिर से पाने को

तबीयत छटपटाती है

बहुत ही याद आती है।।

माँ...... आप की याद आती है


ठोकर अब जब भी लगती है

या कभी अब अव्वल आते हैं

न वो दामन ही मिलता है

जो आँसू थाम लेता हो

न कोई पीठ थपकता है

जो गर्व से छाती फुलाता हो

अव्वल का वो मज़ा अब कहां,

ये ज़िन्दगी बताती है

बहुत ही याद आती है ।।

माँ...... आप की याद आती है



निश्छल प्रेम जो बरसाया

दामन भर भर के जो लुटाया

उस निर्मल प्रेम की हर दिन

उस निर्झर स्नेह की प्रतिदिन

धारा झरझराती है

बरबस याद सताती है,

मधुर स्मृति जगाती है,

बहुत ही याद आती है ।।

माँ...... आप की याद आती है


ऋणी हम आपके हर क्षण

जीवन मूल्य जो ढाले ।

धर्म पुरुषार्थ युक्त जीवन

पावन संस्कार जो डाले

विशुद्ध विकास प्रेरित जीवन

प्रगति विद्या जो आप से पाई

वो विद्या जीवन को जीने की

प्रेरणा मन में जगाती है।

बहुत ही याद आती है।।

माँ...... आप की याद आती है


कभी बरबस ही लगता है

आप पूजा में बैठी है

हमारे सुख शांति की खातिर

जप औ ध्यान में डूबी हैं

मधुर स्मृतियां ही बची हैं अब,

जो बरबस ही सताती है़ं,

जो ममता आप से पाई

वो अब सपने में आती है ।

बहुत ही याद आती है।।

माँ...... आप की याद आती है


न सोचा था कभी कि

अचानक आप छोड़ जाएंगी ।

इतनी जल्द ही हमसे

आप मुंह मोड़ जाएंगी ।।

अरे कुछ दिन तो दे देतीं

हम भी कुछ दर्द बँटा पाते

आप के दर्द भरे लम्हे

गर कुछ हम घटा पाते

अभी भी ये कसक हमको

जी भर भर के रुलाती है

बहुत ही याद आती है ।।

माँ...... आप की याद आती है


न फिर दे सकेगा कोई,

कभी वो प्यार जो पाया ।

वरद स्नेह जो पाया

ममत्व दुलार जो पाया ।।

वो ममता अक्सर अकेले में

आप को रोकर बुलाती है ।।

बहुत ही याद आती है।

आप की याद आती है..........


बहुत ही याद आती है

बहुत ही याद आती है ।।




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