गीतिका

07 जुलाई 2020   |  महातम मिश्रा   (3945 बार पढ़ा जा चुका है)


"गीतिका"


नदियों में वो धार कहाँ से लाऊँ

राधा जैसा प्यार कहाँ से लाऊँ

कैसे कैसे मिलती मन की मंजिल

आँगन में परिवार कहाँ से लाऊँ।।


सबका घर है मंदिर कहते सारे

मंदिर में करतार कहाँ से लाऊँ।।


छूना है आकाश सभी को पल में

चेतक सी रफ्तार कहाँ से लाऊँ।।


सपने सुंदर आँखों में आ जाते

सचमुच का दीदार कहाँ से लाऊँ।।


संकेतों की भाषा दिल ही जाने

फूलों का संसार कहाँ से लाऊँ।।


गौतम अपने हाल में जीती है दुनियाँ

जीवन का उपहार कहाँ से लाऊँ।।


महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी

अगला लेख: मुक्तक



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
03 जुलाई 2020
भो
"होली गीत" होरी खेलन हम जईबे हो मैया गाँव की गलियाँसरसों के खेतवा फुलईबे हो मैया गाँव की गलियाँ।।रंग लगईबें, गुलाल उड़ेईबें, सखियन संग चुनर लहरैबेंभौजी के चोलिया भिगेईबें हो मैया गाँव की गलियाँ.....होरी खेलन.....पूवा अरु पकवान बनेईबें, नईहर ढंग हुनर दिखलईबेंबाबुल के महिमा बढ़ेईबें हो मैया गाँव की गलिय
03 जुलाई 2020
03 जुलाई 2020
मु
मुक्तक जी करता है जी भर नाचूँ, जीवन में झनकार लिए।सारे गुण की भरी गागरी, हर पन का फनकार लिए।सभी वाद्य बजने को आतुर, आए कोई वादक तो-शहनाई वीणा औ डमरू, सुरभित स्वर संसार लिए।।महातम मिश्र, गौतम गोरखपुर
03 जुलाई 2020
07 जुलाई 2020
कु
"कुंडलिया"बचपन में पकड़े बहुत, सबने तोतारामकिये हवाले पिंजरे, बंद किए खग आमबंद किए खग आम, चपल मन खुशी मिली थी कैसी थी वह शाम, चाँदनी रात खिली थीकह गौतम कविराय, न कर नादानी पचपनहो जा घर में बंद, बहुरि कब आए बचपन।।महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी
07 जुलाई 2020
30 जून 2020
दो
"दोहा गीतिका"मुट्ठी भर चावल सखी, कर दे जाकर दानगंगा घाट प्रयाग में, कर ले पावन स्नानसुमन भाव पुष्पित करो, माँ गंगा के तीरसंगम की डुबकी मिले, मिलते संत सुजान।।पंडित पंडा हर घड़ी, रहते हैं तैयारहरिकीर्तन हर पल श्रवण, हरि चर्चा चित ध्यान।।कष्ट अनेकों भूलकर, पहुँचें भक्त अपारबैसाखी की क्या कहें, बुढ़ऊ जस
30 जून 2020
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x