सावन आएगा झूम के

12 जुलाई 2020   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (2152 बार पढ़ा जा चुका है)

सावन आएगा झूम के

☁🌧️☁🌧️⛈️🌧️☁️⛈️☁️
☆☆☆★12/07/202★☆☆☆
🌧️सावन आएगा झूम के🌨️
🌧️⛈️ सावन झूम के आया ⛈️🌧️
⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡⚡
भादो भी मन की तिश्नगी मिटाएगा।
नयन मटक्का करती चपला बाला का
झूला ऊँची-ऊँची पेंगें अब लगाएगा।।
युवाओं का चंचल मन यहाँ- वहाँ लख
जाल फेंक डोर खींच पास ले आएगा।
बरसाने का कान्हा प्यारा हर बार कुँज-
गलियन में रास रचा उच्चाटन करेगा।।
🌧️🌨️🌧️🌨️🌧️🌨️🌨️🌧️🌨️🌧️
तुझमें ''मयपन'' खोया- सदियों से,
मैं को मन रे क्युँकर खोज रहा है?
पञ्च-तत्व का तेरा सतरंगी चोला,
माया में निर्मोही क्यूँ उलझाया है?
🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀
अधकलियों कलियों को नोच गुँथते।
फूलों की खुशबुएँ टटोलते हैं लोग।।
पंखुड़ियां पावों तले जब पड़ चिपकी,
"उफ़" तक नहीं बोल पाते हैं लोग।।।
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
लावण्य की बौछार- पुरजोर हो रही है!
प्रिततम् की बारात सजी- आ रही है!!
आगेसुर्ख तपता तूफान छाया हुआ है!
पीछे बेहिसाब धुँआ-धुँआ उठ रहा है!!
💮💮💮💮💮💮💮💮💮💮💮
गमों का दौर-मुकम्मल गुजर चला गया
दर्द और आह की अब बात- न तूं कर।
हौसला रख मन में - 'तदबीर' हाथ मेें,

नये सिरे से-शौहरत खातिर काम कर।
आज हरजाया दिन सता बीत हीं गया,
बरसात की हसींं रात का इंतजाम कर
सुबह - सबेरे आँख खुले जब भी तेरी,
मालिक में नेह लगा- दुआ-सलाम कर।
आया सावन झूम के- इज़हार कर।।
☁️⛈️🌧️⛈️🌧️🌧️⛈️🌧️⛈️🌧️☁️
🌷💐डॉ• कवि कुमार निर्मल 💐🌷


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