प्यार हो और कहना पड़े ? - दिनेश डाक्टर

24 जुलाई 2020   |  दिनेश डॉक्टर   (361 बार पढ़ा जा चुका है)

प्यार हो और कहना पड़े ? - दिनेश डाक्टर

प्यार हो और कहना पड़े ?

क्या

मेरी आंखों में

मेरी सांसो में

मेरे सुनने में

मेरे कहने में

तुम्हे प्यार नज़र नही आता ?


क्या

मेरी सोच में

मेरी चिंता में

मेरी दृष्टि में

मेरी सृष्टि में

तुम हमेशा नही रहती ?


क्यूँ

तुम्हारा रोना

नम करता है मुझे

और तुम्हारा हँसना

उल्लासित

क्यूँ

तुम्हारा मान - अपमान

करता मुझे भी

आनन्दित - क्रोधित ?



क्यूँ

मेरे स्वप्नों में

तुम उतर उतर आती हो

अक्सर !

क्यूँ

मेरे ह्रदय में रहती हो

धड़कन बनकर ?


प्यार हो

और कहना पड़े ?

ना ना

कभी भी नही !

हरगिज़ नही

कहूंगा तुमसे

कि मुझे प्यार है तुमसे

कल परसों से नही

बरसों से !!! -

अगला लेख: सरकारी तसल्ली - दिनेश डॉक्टर



आलोक सिन्हा
25 जुलाई 2020

एक बहुत सशक्त रचना दिनेश जी | बहुत सुन्दर |

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
11 जुलाई 2020
छह साल बाद यात्रा संस्मरण लिखना न तो आसान है और न ही उत्साहपूर्ण । साढ़े तीन महीने से दुनिया भर में घूमने की पुरानी स्मृतियों के सहारे वक़्त काट रहा था कि पिछले हफ़्ते पुराने काग़ज़ खंगालते खंगालते एक नोट पैड हाथ आ गया । मैं भूल ही गया था कि हंगरी यात्रा के दौरान मैंने कुछ हल्के फुल्के नोट्स बनाए
11 जुलाई 2020
31 जुलाई 2020
विएना’ खूबसूरत और दिलकश प्रेमिका की तरह एक शहर विएना का अद्वितीय और विशाल शोन्नब्रुन्न पैलेस अप्रैल 12-18 , 2018अगले रोज़ सुबह जल्दी तैयार होकर खुद का बनाया नाश्ता खाकर तीन सौ बीस बरस पुराना शोन्नब्रुन्न पैलेस देखने निकल पड़ा । रास्ते में एक साइकिल रैली जैसी कुछ निकल रही थी। हज़ारों की संख्या में साइक
31 जुलाई 2020
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x