यात्री मार्ग और लक्ष्य

24 जुलाई 2020   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (346 बार पढ़ा जा चुका है)

यात्री मार्ग और लक्ष्य

यात्री मार्ग और लक्ष्य

यदि मैं देखती रही बाहर
तलाशती रही यहाँ वहाँ येन केन प्रकारेण
मन की शान्ति और आनन्द को
तो होना पड़ेगा निराश
क्योंकि कोई बाहरी वस्तु, सम्बन्ध, या कुछ भी और
नहीं दे सकता आनन्द के वो क्षण / शान्ति के वो पल
जो मिलेंगे मुझे केवल अपने ही भीतर
इसीलिए तो करती हूँ प्रयास झाँकने का अपने भीतर...

डूब जाने का कहीं गहन अंत:स्तल में
नहीं है मुझे चिन्ता इस बात की
कि यहीं डूब कर रह गई तो क्या होगा
नहीं घबराती सोचकर
कि नहीं आ सकी बाहर तो क्या होगा
क्योंकि जानती हूँ
बाहर आकर समाप्त हो जाएँगे एकान्त के वो पल
जिनमें अनुभव होता है मुझे परम शान्ति और आनन्द का
शेष रह जाएगा कुछ यदि
तो वो होगा मात्र अकेलापन
भरी भीड़ में भी
छिन जाएगी सारी शान्ति
हो जाएगा तिरोहित सारा आनन्द
बाहर के कर्णभेदी कोलाहल से
बहुत बड़ा अन्तर है अकेलेपन और एकान्त में
अकेलेपन में है छटपटाहट, घबराहट
एकान्त में है आनन्द, शान्ति और स्वयं का साथ
जानती हूँ, देखती रही यदि बाहर ही
तो नहीं कर पाऊँगी अनुभव उस आनन्द और शान्ति का
जो प्राप्त होता है स्वयं अपना ही साथ पाकर
गहरे पैठकर कहीं अपने अंत:स्तल में
वास्तव में ये जीवन कुछ भी नहीं
यात्रा है केवल अकेलेपन से एकान्त की ओर
कोलाहल से शान्ति की ओर

विषाद से आनन्द की ओर

और एकान्त, शान्ति तथा आनन्द की इस यात्रा में

मैं स्वयं ही हूँ यात्री

स्वयं ही हूँ मार्ग

और स्वयं ही हूँ लक्ष्य भी...

पूरी रचना सुनने के लिए वीडियो देखें... कात्यायनी...

https://youtu.be/MOzDxU1pyOE

अगला लेख: रक्षा बन्धन



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
19 जुलाई 2020
अभावों और पीड़ा को गान बना देने वाले प्रेम और विरहके साधक, बादलों से सलाम लेने वाले,विभावरी, आसावरी और अंतर्ध्वनि के गायक पद्मभूषणश्री गोपालदास नीरज – जिनके गीतों, ग़ज़लों, दोहों के एक एक शब्द में – एक एक छन्द में मानों एक नशा सा भरा हुआ है...जो कभी दार्शनिक अन्दाज़ में कहते हैं... “नींद भी खुली नथी कि
19 जुलाई 2020
23 जुलाई 2020
अजी ये क्या हुआ…?होली रास नहीं आयाकोरोना काल जो आयामहामारी साथ वो लायाअपना भी हुआ परायाबीपी धक धक धड़कायाछींक जो जोर से आया…तापमान तन का बढ़ायाऐंठन बदन में लायाथरथर काँपे पूरी कायाछूटे लोभ मोह मायादुश्मन लागे पूरा भायापूरा विश्व थरथराया……नाम दिया महामारीजिससे डरे दुनिया सारीचीन की चाल सभी पे भारीबौखला
23 जुलाई 2020
03 अगस्त 2020
राखी का त्यौहार अनोखा बंधा हुआ कच्चे धागे में भाई बहन काप्यार अनोखा...बांधे बहना राखी, बदले में कोई उपहार न माँगे बना रहे ये प्यार सदा ही, माँगे येवरदान अनोखा...भाई के माथे पर चन्दन का टीका जब करतीबहना सुखी रहो तुम भाई सदा ही, देती ये आशीष अनोखा...कोई न ऐसा प्यारा नाता, जैसा भाई बहन का नाता भोला भाल
03 अगस्त 2020
19 जुलाई 2020
सफलताप्राप्ति के लिए क्या करेंअक्सर लोग इस बात पर मार्गदर्शन के लिए आते हैं कि उन्हें अपने कार्यों मेंसफलता प्राप्त नहीं होती, क्या करें इसके लिए ? कई बार लोग कहते हैं किहमारी जन्मपत्री देखकर कोई उपाय बताइये | हम उन सबसे यही कहते हैं कि भाईजन्मपत्री अपनी जगह है, प्रयास तो आपको स्वयं ही करना होगा |अन
19 जुलाई 2020
27 जुलाई 2020
साप्ताहिक प्रतियोगिता में "प्रथम" सर्वोतकृष्ठ चयनित रचनासमुह का नाम:- साहित्यिक मित्र मंडल जबलपुर ( एम. पी.)पटल संख्या: १-२-३-४-५-६-७ एवम् ८संपर्क:- 9708055684 / 7209833141शीर्षक: आँखों के किनारे ठहरा एक आंसू💧💧💧💧💧💧💧💧💧💧आँखों के किनारे ठहरा एक आंसूभक्तों का सर्वश्रेष्ठ धन है गिरते आंसू🌹🌹🌹
27 जुलाई 2020
13 जुलाई 2020
अपनी भूलों से घबराएँ नहीं, उनसे शिक्षालेंहमारे पास किसी समस्या से त्रस्त होकर कंसल्टेशन के लिए जो लोग आते हैं तोकई बार वे प्रश्न कर बैठते हैं कि डॉ पूर्णिमा, हमने तो जीवन में कभी कोईभूल नहीं की – कभी कोई अपराध नहीं किया – फिर हमारे साथ ऐसा क्यों हो रहा है ? कलभी कुछ ऐसा ही हुआ | किन्हीं सज्जन से फोन
13 जुलाई 2020
22 जुलाई 2020
सावन के झूले कल हरियाली तीज – जिसे मधुश्रवा तीज भी कहा जाताहै – का उमंगपूर्ण त्यौहार है, जिसे उत्तर भारत में सभी महिलाएँ बड़े उत्साह सेमनाती हैं और आम या नीम की डालियों पर पड़े झूलों में पेंग बढ़ाती अपनीमहत्त्वकांक्षाओं की ऊँचाईयों का स्पर्श करने का प्रयास करती हैं |सर्वप्रथम, सभीको सावन की मस्ती में
22 जुलाई 2020
10 जुलाई 2020
पावस की सुषमा है छाई ||सजे कसुम्भी साड़ी सर पर, इन्द्रधनुष पर शर साधे थिरक रही है घटा साँवरी बिजली की पायल बाँधे |घन का मन्द्र मृदंग गरजता, रिमझिम रिमझिम की शहनाई ||पूरा सुनने के लिए क्लिककरें...https://youtu.be/zRVx57amQzs
10 जुलाई 2020
06 अगस्त 2020
कल पाँच अगस्त को सारा विश्व के महान घटनाका साक्षी बना... और ये घटना थी श्री राम जन्म भूमि अयोध्या में राम मन्दिर भूमिपूजन... हम सभी वास्तव में बहुत सौभाग्यशाली हैं कि हमारे माननीय प्रधान मंत्री जीने सनातन महानुभावों की साक्षी में कल जो वहाँ भूमि पूजन किया हम सबको अपने अपनेनिवास से ही उस यज्ञ में सम्
06 अगस्त 2020
19 जुलाई 2020
*माँ मैं फिर**माँ मैं फिर जीना चाहता हूँ, तुम्हारा प्यारा बच्चा बनकर**माँ मैं फिर सोना चाहता हूँ, तुम्हारी लोरी सुनकर,* *माँ मैं फिर दुनिया की तपिश का सामना करना चाहता हूँ, तुम्हारे आँचल की छाया पाकर**माँ मैं फिर अपनी सारी चिंताएँ भूल जाना चाहता हूँ, तुम्हारी गोद में सिर रखकर,* *माँ मैं फिर अपनी भूख
19 जुलाई 2020
26 जुलाई 2020
तुम्हारी याद यों आए... यादों के कितने हीरूप हो सकते हैं – कितने ही रंग हो सकते हैं... और आवश्यक नहीं कि हर पल किसीव्यक्ति या वस्तु या जीव की याद ही व्यक्ति को आती रहती हो... व्यक्ति का मन इतनाचंचल होता है कि सभी अपनों के मध्य रहते हुए भी न जाने किस अनजान अदेखे की याद उसेउद्वेलित कर जाती है... इन्हीं
26 जुलाई 2020
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x