पुरुषत्व

25 जुलाई 2020   |  barkha solanki   (279 बार पढ़ा जा चुका है)

पुरुषत्व

छोटी को दुर्गा मानकर पुजते हो ,


बड़ी को रंभा की दृष्टि से देखते हो |


समाज मे रहकर ही समाज की ,


मर्यादा को लुटते हो | ....


अगर भाई पुरुष ही हो ?????


तो फिर क्यो पुरुषत्व पर थुकते हो |....

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