जहाँ न मैंने तुझे पुकारा

09 अगस्त 2020   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (422 बार पढ़ा जा चुका है)

जहाँ न मैंने तुझे पुकारा

हम ईश्वर को यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ ढूँढ़ते फिरते हैं, लेकिन अपने भीतर झाँककर नहीं देखते... हमारा ईश्वर तो हमारे भीतर ही हमारी आत्मा के रूप में विराजमान है... प्रकृति के हर कण में... हर चराचर में ईश्वर विद्यमान है... जिस दिन उस ईश्वर के दर्शन कर लिए उस दिन से उसे कहीं ढूँढने की आवश्यकता नहीं रह जाएगी... कुछ इसी प्रकार के उलझे सुलझे भाव हैं हमारी आज की इस रचना में... मैंने तो बस तुझे पुकारा... रचना सुनने के लिए कृपया वीडियो देखें... कात्यायनी...

https://youtu.be/_ZnuP4LkdBg

अगला लेख: पर्यूषण पर्व



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
22 अगस्त 2020
पिछले कुछ दिनोंसे बरखा रानी लगातार अपना मादक नृत्य दिखा दिखा कर रसिक जनों को लुभा रही हैं... और पर्वतीय क्षेत्रों में तो वास्तव मेंग़ज़ब का मतवाला मौसम बना हुआ है... तन और मन को अमृत रस में भिगोतीं रिमझिमफुहारें... हरित परिधान में लिपटी प्रेयसि वसुंधरा से लिपट उसका चुम्बन लेते ऊदेकारे मेघ... एक ओर अपन
22 अगस्त 2020
07 अगस्त 2020
कुछ तो कोरोना का डर औरकुछ पिछले दिनों समाचारों की सुर्खियाँ बने आत्महत्या के समाचार, कई लोगों के मन में भय बैठ गया किपता नहीं हमारे साथ कल क्या होगा | वास्तव में इस महामारी के कारण लोगों कीनौकरियों पर बड़ा दुष्प्रभाव पड़ा है, जिनके अपने व्यवसाय हैंउनके भी व्यवसाय मंदी की मार झेल रहे हैं | पूरे विश्व म
07 अगस्त 2020
11 अगस्त 2020
वंशी की वह मधुर ध्वनि... जी हाँ, यदि हम अपने चारों ओरकी ध्वनियों से – चारों ओर के कोलाहल से मुक्त करके मौन का साधन करते हुए अपनेभीतर झाँकने का प्रयास करें तो कान्हा की वह लौकिक दिव्य ध्वनि हमारे मन में गूँजसकती है... ऐसी कुछ उलझी सुलझी भावनाओं के साथ आज स्मार्तों और कल वैष्णवों कीश्री कृष्ण जयन्ती क
11 अगस्त 2020
23 अगस्त 2020
पर्यूषण पर्वभाद्रपद कृष्ण एकादशी – जिसे अजा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है – यानी15 अगस्त से आरम्भ हुएश्वेताम्बर जैन मतावलम्बियों के अष्ट दिवसीय पर्यूषण पर्व का कल सम्वत्सरी के साथसमापन हो चुका है और आज भाद्रपदशुक्ल पञ्चमी से दिगम्बर जैन समुदाय के दश दिवसीय पर्यूषण पर्व का आरम्भ हो रहा है| जैन पर्
23 अगस्त 2020
26 जुलाई 2020
तुम्हारी याद यों आए... यादों के कितने हीरूप हो सकते हैं – कितने ही रंग हो सकते हैं... और आवश्यक नहीं कि हर पल किसीव्यक्ति या वस्तु या जीव की याद ही व्यक्ति को आती रहती हो... व्यक्ति का मन इतनाचंचल होता है कि सभी अपनों के मध्य रहते हुए भी न जाने किस अनजान अदेखे की याद उसेउद्वेलित कर जाती है... इन्हीं
26 जुलाई 2020
19 अगस्त 2020
चीनी मिटटी के पुतले, चमगादड़, कुत्ते, बिल्ली और कीट पतंगे खाने वाले,दुनिया पर राज करने का सपना देखने वाले,नींद कभी न खुलेगी, थक जायेंगे जगाने वाले। www.sahityasangeet.com
19 अगस्त 2020
10 अगस्त 2020
को
कोविड की तानाशाहीहम कहते हैं बुरा न मानोमुँह को छिपाना जरूरी हैअपनेपन में गले न लगाओदूरियाँ बनाना जरूरी हैकोरोना महामारी तोएक भयंकर बीमारी हैकहने को तो वायरस हैपर छुआछूत बीमारी हैहट्टे कट्टे इंसानों पर भी एक अकेला भारी हैआँख मुँह और नाक कान सेकरता छापेमारी हैएक पखवाड़े के भीतर हीअपना जादू चलाता हैकोर
10 अगस्त 2020
11 अगस्त 2020
वंशी की वह मधुर ध्वनि... जी हाँ, यदि हम अपने चारों ओरकी ध्वनियों से – चारों ओर के कोलाहल से मुक्त करके मौन का साधन करते हुए अपनेभीतर झाँकने का प्रयास करें तो कान्हा की वह लौकिक दिव्य ध्वनि हमारे मन में गूँजसकती है... ऐसी कुछ उलझी सुलझी भावनाओं के साथ आज स्मार्तों और कल वैष्णवों कीश्री कृष्ण जयन्ती क
11 अगस्त 2020
28 जुलाई 2020
यादो के अनेकरूप होते हैं, अनेकों भाव और अनेकों रंग होते हैं...अपनी पिछली रचना "तुम्हारी याद यों आए" में यादों को इसी प्रकार के कुछउपमानों के साथ चित्रित करने प्रयास था, आज की रचना "ऐसे यादतुम्हारी आए, सूर्य डूब जाने पर जैसे अलबेली संध्या अलसाए..." में भी इसी प्रकार का प्रयास किया गया है... सुधी श्रो
28 जुलाई 2020
30 जुलाई 2020
आप सभी को रक्षा बन्धन के पर्व की बड़ी उत्सुकतासे प्रतीक्षा होगी | आगामी तीन अगस्त को रक्षा बन्धन का उल्लासमय प्रेममय पर्व है | सभीको बहुत बहुत बधाई | पूर्णिमा तिथि का आगमन दो अगस्त को रात्रि साढ़े नौ बजे के लगभग होगा इसलिएव्रत की पूर्णिमा तो दो अगस्त को ही होगी | लेकिन नारियली पूर्णिमा उदया तिथि मेंमा
30 जुलाई 2020
13 अगस्त 2020
परसों यानीपन्द्रह अगस्त को पूरा देश स्वतन्त्रता दिवस की वर्षगाँठ पूर्णहर्षोल्लास के साथ मनाएगा... अपने सहित सभी को स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक बधाईऔर शुभकामनाएँ... स्वतन्त्रता –आज़ादी – व्यक्ति को जब उसके अपने ढंग से जीवंन जीने का अवसर प्राप्त होता है तोनिश्चित रूप से उसका आत्मविश्वास बढ़ने के साथ ही
13 अगस्त 2020
11 अगस्त 2020
अलौकिकचरित्र के महामानव श्रीकृष्णमित्रों, आज हम सब भगवान श्रीकृष्ण का जन्ममहोत्सव मना रहे हैं | तो सबसे पहले तो सभी को इस महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ | आज कहीं लोगव्रत उपवास आदि का पालन कर रहे होंगे, कहीं भगवान कृष्ण की लीलाओं को प्रदर्शित करती आकर्षक झाँकियाँ सजाईजाएँगी तो कहीं भगवान की लीलाओं का
11 अगस्त 2020
15 अगस्त 2020
अब नहीं रहा.....NO more...ईश्वर की लीला ईश्वर ही जानें..देता है तो जी भर देता हैलेता है तो कमर तोड़ देता हैपरीक्षा भी लेता है तो कितना कठिन, दुष्कर, प्राणघातकसबकुछ छीन लेता है- प्राण तकजिसने सबकुछ झेलाकभी कुछ न बोलाउफ़ तक न कियासँभलने का समय आया तोउसी के साथ इतना बड़ा अन्यायआखिर क्यों...?क्या इस क्यों.
15 अगस्त 2020
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x