आज़ादी का दिन फिर आया

13 अगस्त 2020   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (434 बार पढ़ा जा चुका है)

आज़ादी का दिन फिर आया

परसों यानी पन्द्रह अगस्त को पूरा देश स्वतन्त्रता दिवस की वर्षगाँठ पूर्ण हर्षोल्लास के साथ मनाएगा... अपने सहित सभी को स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ... स्वतन्त्रता – आज़ादी – व्यक्ति को जब उसके अपने ढंग से जीवंन जीने का अवसर प्राप्त होता है तो निश्चित रूप से उसका आत्मविश्वास बढ़ने के साथ ही उसमें कर्त्तव्यपरायणता की भावना भी बढ़ जाती है और उसकी सम्वेदनशीलता में भी वृद्धि होती है | क्योंकि स्वतन्त्र व्यक्ति को जीवन में रस का अनुभव होने लगता है – उत्साह और उमंग से भरा मन नृत्य करने लगता है – व्यक्ति को विकास की गति को तीव्र करने की सामर्थ्य प्राप्त होने के साथ ही उसे नियन्त्रित करने की समझ भी प्राप्त होती है – उसकी विचारधारा को सकारात्मक दिशा प्राप्त होती है – उसमें आत्मचिन्तन तथा आत्मनिर्णय की भावना दृढ़ होती है | जब व्यक्ति इस प्रकार से पूर्ण रूप से प्रफुल्लित होगा तो भला क्यों न वह अपना यह उत्साह – अपनी यह उमंग – अपने जीवन का ये रस – दूसरों में बाँटने का इच्छुक होगा ? वह हर किसी के साथ एकता और बराबरी का व्यवहार स्वतः ही करने लग जाएगा | स्वतन्त्र व्यक्ति के मन में किसी प्रकार के भेद भाव के लिए कोई स्थान नहीं रह जाता | इस स्वतन्त्रता दिवस पर आइये मिलकर संकल्प लें कि हम देश को स्वस्थ, सुखी, स्वच्छ तथा हरा भरा बनाने में योगदान देंगे... बड़े यत्न पूर्वक किये गए प्रयासों के द्वारा हमारे स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों ने देश को आज़ाद कराया... लेकिन क्या हम पूर्ण रूप से आज़ाद हो पाए...? कुछ ऐसे ही भाव हैं हमारी इस रचना में... रचना सुनने के लिए कृपया वीडियो देखें...

https://youtu.be/SEiH3D6k9BA

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