आत्मिक बंधन

21 अगस्त 2020   |  मंजू गीत   (289 बार पढ़ा जा चुका है)

खुबसूरत रिश्ते आत्मा से जुड़े होते हैं। आत्मा से जुड़े एहसास चाहत लिए होते हैं।। रिश्ते तो किसी से कभी भी बन जाते हैं, पर बिना स्वार्थ के रिश्ते ही पवित्र और सच्चे होते हैं। हर बेगाने से बना रिश्ता महोब्बत नहीं होता, कुछ रिश्ते प्रेमी, प्रेमिका से भी ऊंचे कद (गुरू) लिए होते हैं। जिंदगी मांझी और ‌सांझी से ही नहीं, कभी तिनके के सहारे भी पार होती है। हर कोई खरा नहीं उतरता, मेरी नादान समझ पर लेकिन हर कोई गुनहगार तो हर कोई बेगुनाह नहीं होता। संदेह और परख से रिश्ता लंबा नहीं होता। संदेह से टूटा रिश्ता डर में जीता है, वह अटूट अखंड विश्वास के बिना पार नहीं होता। सब्र, सहनशीलता के बिना जिंदगी का कवच दमदार नहीं होता। हर सवाल, हर समस्याओं का समाधान है जगत में, लेकिन बिना चलें कोई सफर पार नहीं होता। परम शक्ति के आशिर्वाद के बिना आत्मा से आत्मा का मिलन नहीं होता... और मानव का कर्म से बड़ा कोई धर्म और हथियार नहीं होता। खूबसूरत रिश्ते आत्मा से जुड़े होते हैं... प्रेम से बढ़कर पवित्र मन का और कोई धाम नहीं होता।

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