फिर कभी सही...

04 सितम्बर 2020   |  मोहित शर्मा ज़हन   (461 बार पढ़ा जा चुका है)

फिर कभी सही...

कुछ महीने पहले स्कूल की एक कॉपी मिली... उंगलियां पन्ने पलटने को हुई। दफ़्तर को देर हो रही थी, उंगलियों से कहा फिर कभी सही...

कॉपी ने कहा ज़रा ठहर कर तो देख लो, 9वीं क्लास की चौथी बेंच से झांक लो! "फिर कभी सही"

आज याद आया तो देखा... कॉपी रूठ कर फिर से खो गई... #ज़हन

अगला लेख: बरखा का मौसम



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x