सरस्वती वंदना

06 सितम्बर 2020   |  अभिनव मिश्रा"अदम्य"   (445 बार पढ़ा जा चुका है)

🙏सरस्वती वंदना🙏


मां भारती ! सुरवंदिता !

विद्या विनय ! सुरताल दो !


मां ज्ञानदा ! सौदामिनी !

दो ज्ञान की तुम रोशनी !


मुझ पे कृपा अब डाल दो ।

विद्या विनय सुरताल दो ।।


दोषादि सब संहार दो,

लक्ष्यादि को संधान दो,

नव नित हमें पड़ताल दो ।

विद्या विनय सुरताल दो।।


वागीश वीणावादिनीं,

हे शारदे हंसासिनी,

निज भक्तरूपी माल दो ।

विद्या विनय सुरताल दो ।।



कर जोड़ कर विनती करुं,

श्रद्धा सुमन अर्पित करुं,


सब कष्ट मेरे टाल दो ।

विद्या विनय सुरताल दो ।।


मां भारती ! सुरवंदिता !

विद्या विनय ! सुरताल दो !


अभिनव मिश्रा

( शाहजहांपुर )

अगला लेख: स्त्री अभिलाषा



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x