जब तुम मुस्कराते हो

25 सितम्बर 2020   |  सीताराम   (431 बार पढ़ा जा चुका है)

जब तुम मुस्कराते हो
तो मुरझाए फूल खिल जाते है
हवाएँ ठंडी हो जाती है
पर्वत झुक जाते है
नदियाँ गीत गाती है
चिड़िया नृत्य करती है
पगडंडी पर घास फैल जाती है
अंधेरा खुद को समेट लेता है
सूरज अपनी किरणों को बड़ा देता है
सागर लहरों को नीचे कर लेता है
दरिया गड्डो को जल से भर देता है
तेरे मुस्कुराने से जो नहीं होता
वो भी मन सोच लेता है... .



अगला लेख: जो खुद से प्रेम नहीं करता वो दूसरों से क्या प्रेम करेगा ?



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
25 सितम्बर 2020
चारों तरफ लगी है आग अब तो प्यारे तू जाग मज़हब के नाम पर लड़ाते राजनेता जहरील है नाग बचपन से मीठा जहर पिलाते हमको लड़ाते और खुद शांति से शासन करते जाते गरीबो की इनको चिंता नहीं इनकी योजनाएँ कागज़ों में पड़ी है कहीं थोड़ा सा काम क्या कर दे विज्ञापनों में दोहराते है वही इनको मंदिर की पड़ी है इनको मस्जिद
25 सितम्बर 2020
25 सितम्बर 2020
हमेशा मुस्कुराते है ग़लती होने पर भी प्रेम से समझाते हैउनके बारे में क्या कहूँवो तो वह शख़्सियत है जो प्रकृति प्रेमी हैसारे जहाँ को अपना घर मानते है हर बच्चे की प्रतिभा को जानते है उनके दिल में हमेशा होती है माँ उन महापुरुष कानाम है रामकृष्ण शर्मा
25 सितम्बर 2020
25 सितम्बर 2020
हवा की लहर ने पत्ते को कली से अलग किया सच्चा प्रेम था ,सच्चे प्रेम को एक लहर ने दर्द दिया। ... कली रोती हुई कहती है मुझे में शक्ति थी की मैं चाहती तो अलग ना होती लेकिन पेड़ के प्रति जिम्मेदारियों ने मुझसे मेरा प्रेमी छिन लिया लोग कहते है प्रेम में शक्ति होती है तो कहा गई वो शक्ति क्या प्यार इतना
25 सितम्बर 2020
17 सितम्बर 2020
आज अमावस्या तिथि है...हम सभी ने अपने पितृगणों को विदा किया है पुनः आगमन की प्रार्थना के साथ...अमावस्या का सारा कार्यक्रम पूर्ण करके कुछ पल विश्राम के लिए बैठे तो मन में कुछविचार घुमड़ने लगे... मन के भाव प्रस्तुत हैं इन पंक्तियों के साथ...भरी भीड़ में मन बेचाराखड़ा हुआ कुछ सहमा कुछसकुचाया साद्विविधाओं क
17 सितम्बर 2020
15 सितम्बर 2020
खु
मै जानता हूँ सब बदल जायेगा। आज जान हो कल अंजान हो जाओगी। मेरे घर के हर कमरे की मान थी, अब मेहमान कहलाओगी। मै जानता हूँ सब बदल जायेगा, क्या खुद को बदल पाओगी। आज अम्बर धरती झील नदिया सब पूछते है जहाँ कल तक दोनो का नाम दिखाया करती थी, क्या अब उनकी भी खबर रख पाओगी। मै जानता हूँ सब बदल जायेगा, क्या रिश्त
15 सितम्बर 2020
12 सितम्बर 2020
जीवन क्या है मात्र चित्रों की एक अदला बदली...किसी अनदेखे चित्रकार द्वारा बनाया गया एक अद्भुत चित्र...जिसे देकर एक रूप / उकेर दी हैं हाव भाव और मुद्राएँ और भर दिए हैं विविध रंग / उमंगों और उत्साहों के सुखों और दुखों के / रागों और विरागों के कर्तव्य और अकर्तव्य के / प्रेम और घृणा के अनेकों पूर्ण अपूर्
12 सितम्बर 2020
25 सितम्बर 2020
आँखो में तेरे नूर है जब से तुझे देखा है मेरे दिल में तेरा ही तेरा चढ़ा सुरूर है बड़ी बड़ी अखिया है रब ने तेरे होठों पर रखी खुशीयाँ है...
25 सितम्बर 2020
21 सितम्बर 2020
अभी दो तीन पूर्व हमारी एक मित्र के देवर जी का स्वर्गवास हो गया... असमय...शायद कोरोना के कारण... सोचने को विवश हो गए कि एक महामारी ने सभी को हरा दिया...ऐसे में जीवन को क्या समझें...? हम सभी जानते हैं जीवन मरणशील है... जो जन्माहै... एक न एक दिन उसे जाना ही होगा... इसीलिए जीवन सत्य भी है और असत्य भी...
21 सितम्बर 2020
14 सितम्बर 2020
अभी 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस था और आज हिन्दी दिवस है... हमने अपने सदस्यों सेआग्रह किया क्यों न इस अवसर पर एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया जाए... तो आज उसीगोष्ठी के साथ आपके सामने उपस्थित हैं... यदि हम ज़ूम पर या किसी भी तरह से ऑनलाइनगोष्ठी करते हैं तो वहाँ कुछ समस्याओं का हमने अनुभव किया है... जिनमें स
14 सितम्बर 2020
25 सितम्बर 2020
सारा जहाँ प्रेम का भूखा है जहां मिला वहां झुका है जो खुद से प्रेम नहीं करता वो दूसरों से क्या प्रेम करेगा ?जो खुद का ज़ख्म नहीं भरसकता वो दूसरों का क्या भरेगा ?जो खुद खुश नहीं रह सकतावो दूसरों को खुश रखने का वादा करेगा खुशी खुद में है यह ढूढ़ने का ना इरादा करेगाजो खुद से प्रेम नहीं करता वो दूसरों से क
25 सितम्बर 2020
25 सितम्बर 2020
सुनो मंझिलो दौड़ कर हम नहीं आएँगे खुद को तेरे काबिल हम बनाएँगे तेरे मुसाफिर खुद हमें बुलाने मेरा दरवाज़े खटखटाएंगे
25 सितम्बर 2020
25 सितम्बर 2020
होने दो हवा को चलने दो बारिश को आने दो शेर को खाने दो जो हो रहा होने दो बादल बनेंगे बिगड़ेंगे तूफान आयेगा जाएगा मुझे इससे क्या लेना जो हो रहा होने दो कोई भूख से रोता है तो कोई अन्याय से तो क्या ?इनको रोने दो जो हो रहा है होने दो किसी को वोट की पड़ी है तो किसी को देश भक्ति की बाढ़ से किसी
25 सितम्बर 2020
25 सितम्बर 2020
जो अच्छा बुरा नहीं देखती विचारों से जो महकती उसने एक बार दिल लगाया था प्यार को दिल से निभाया था कहते है ना तेरे रास्ते में हम कांटे बिछाएंगे तेरे में ताकत हो तो चल ?उसी प्रकार उसका साथी बेवफा निकला तो उसकी अन्तरात्मा ने कहाँ हा वो बेवफ़ा है और तुझमें हिम्मत है तो तू यह प्यार निभाना उसकी यादों
25 सितम्बर 2020
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x