मेरी अभिलाषा

16 अक्तूबर 2020   |  Arun choudhary(sir)   (440 बार पढ़ा जा चुका है)

अभिलाषा हैं मेरी,

भ्रष्टाचार मिटा दूं पुरे देश से;

अभिलाषा हैं मेरी,

स्वच्छ कर दूं पूरे देश को;

महाशक्ति बना दूं विश्व में,

यही मेरी अभिलाषा;

खेलों में बना दूं देश को सिरमौर,

यही है मेरी लालसा;

उद्योगों में कर दूं आत्मनिर्भर,

बस यही है कामना;

संयुक्त राष्ट्र संघ का हो जाये स्थायी सदस्य,

यही करता हूं प्रभु से प्रार्थना।

अतंकवाद की जड़ें पूरे देश से मिटा दूं,

यही मेरी सदिच्छा;

अभिलाषा मेरी बस इतनी,

भारतीय युवा सृजन और निर्माण में हो संलग्न;

राष्ट्र भक्ति और धर्म दोनों का रखे समन्वय,

यही मेरी इच्छा

उत्तम शिक्षा नीति का हो आगाज,

पूरे देश में हो इमानदारी की आवाज;

देशद्रोहियों का हो सर्वनाश,

राष्ट्रप्रेमियों का हो सम्मान।

ना हो कोई अपराध देश में,

शांतिपूर्ण तरीके से हो यहां निवास।

यही मेरी है अभिलाषा,स्वस्थ रहें ,

संपन्न बनें हर नागरिक;

पूरे विश्व में एक बार फिर ,

विश्वगुरु बन अपना तिरंगा लहराए।

बस यही है मेरी अभिलाषा।

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