कविता क्या है?

02 नवम्बर 2020   |  अभिनव मिश्रा"अदम्य"   (441 बार पढ़ा जा चुका है)

कविता क्या है?

कविता क्या है?

सुबह के सूर्य से लेकर, निशा का चाँद है कविता

भरे रस छन्द हो जिसमें, वही इक स्वाद है कविता


विरह की वेदना संवेदना श्रंगार है कविता

भरी जो भावना उर में, वही उद्गार है कविता


लिखी जो पन्त दिनकर ने, ह्रदय का प्यार है कविता

भरे जो दर्द घावों को, वही उपचार है कविता


कड़ी सी धूप में मिलती, वही इक छांव है कविता

पढ़े कोई कभी इसको, मिले जो चाव है कविता


बहे जो नैन से आंसू, उसी का सार है कविता

जुड़े जब शब्द श्रेणी में, वही आकार है कविता


रुला दे जो किसी को भी, वही रसधार है कविता

पलक जब बन्द होती कल्पना के पार है कविता


नवांकुर जिंदगी की ये, प्रथम इक राह है कविता

दिवानों के दिलों की ये, सदा ही चाह है कविता


परिन्दों ने बिखेरे बीज खुद अंकुर हुई कविता

उठे जब भी कलम कवि की, नया ले जन्म इक कविता


■अभिनव मिश्र"अदम्य"

शाहजहांपुर,उत्तरप्रदेश


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बहुत सुन्दर.
इस में सौंदर्य रस और वीर रस के लिए भी जोड़ दीजिये.

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