श्री राम चरित मानस पाठ

23 नवम्बर 2020   |  पुलस्त्य राम कौशिक   (431 बार पढ़ा जा चुका है)

‼️ भगवत्कृपा हि केवलं‼️

ओम् नमो भगवते वासुदेवाय

श्री राम चरित मानस

🌻अयोध्याकाँड🌻

गतांक से आगे...

चौपाई-

एक कलस भरि आनहिं पानी।

अँचइअ नाथ कहहिं मृदु बानी।।

सुनि प्रिय बचन प्रीति अति देखी।

राम कृपाल सुसील बिसेषी।।

जानी श्रमित सीय मन माहीं।

घरिक बिलंबु कीन्ह बट छाहीं।।

मुदित नारि नर देखहिं सोभा।

रूप अनूप नयन मनु लोभा।।

एकटक सब सोहहिं चहुँ ओरा।

रामचंद्र मुख चंद चकोरा।।

तरुन तमाल बरन तनु सोहा।

देखत कोटि मदन मनु मोहा।।

दामिनि बरन लखन सुठि नीके।

नख सिख सुभग भावते जी के।।

मुनिपट कटिन्ह कसें तूनीरा।

सोहहिं कर कमलनि धनु तीरा।।

दोहा-

जटा मुकुट सीसनि सुभग उर भुज नयन बिसाल।

सरद परब बिधु बदन बर लसत स्वेद कन जाल।।११५।।

सियावर रामचंद्र की जय🙏🙏🙏


आगे क्रमशः


🙏🙏🙏परम पूज्य आचार्यगण जी भगवद्भक्त विद्वतजन एवं भक्तिस्वरूपा विदुषी माताओं को सादर प्रणाम🙏🙏🙏

जय जय सियाराम🙏🙏🙏

भज मन राम राम सियाराम🙏🙏🙏

अगला लेख: दीप जलाएँ



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x