चक्रव्यूह

23 जनवरी 2021   |  Karan Singh Sagar ( डा. करन सिंह सागर)   (8 बार पढ़ा जा चुका है)

सवालों और जवाबों

के चक्रव्यूह में

फँस गयी है ज़िंदगी

कल क्या हुआ

कल क्या होगा

यह मेरा है, वो तेरा

इन्ही, सवालों और जवाबों

के चक्रव्यूह में

फँस गयी है ज़िंदगी

दुनिया क्या कहेगी

यह सही वो ग़लत

यह अच्छा वो बुरा

इन्ही, सवालों और जवाबों

के चक्रव्यूह में

फँस गयी है ज़िंदगी


२३ जनवरी २०२१

जिनेवा



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