दिल में अपने

23 जनवरी 2021   |  Karan Singh Sagar ( डा. करन सिंह सागर)   (24 बार पढ़ा जा चुका है)

दिल में अपने

झाँक कर देखा

तो तेरा चेहरा

नज़र आता है

निगाहों में मेरी

तेरा ही अक्स

उभर आता है

बातों में मेरी

तेरा ही ज़िक्र

सुनाई आता है

अजनबी है तू

फिर भी

ना जाने क्यों

जाना पहचाना सा

नज़र आता है


दिसंबर २०२०

दिल्ली

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भीमसेन जोशी
26 जनवरी 2021

very very beautiful composition

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पा
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नज़र आया इश्क़ के आइने में देखा चेहरा तेरा नज़र आया दिल के दर्पण में देखा अक्स तेरा नज़र आया नज़रों के झरोख़े में देखा रूप तेरा नज़र आया बस गए हो तुम इस तरह ज़ेहन में खुद में भी बस तसव्वुर तेरा नज़र आया ५ दिसंबर २०२०दिल्ली
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कोशिशें हज़ार क़ींदर्द अपना छुपाने कीज़ख़्म इतना गहरा थाकि, मुस्कुराहट के पीछे भीरंजीदगी छुप ना सकी कोशिशें हज़ार क़ींआंसुओं के सैलाब को रोकने कीभरा था दिल इतना मगर आँखों के बाँध भी उसे बहने से रोक ना सके कोशिशें हज़ार क़ींयादों को दफ़नाने की प्यार बेंतिहा था मगर कब्र से भी लौट आयी यादें मुझे सताने
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