शहीद दिवस

23 मार्च 2021   |  डॉ कवि कुमार निर्मल   (423 बार पढ़ा जा चुका है)

शहीद दिवस

🇮🇳🇮🇳☆शहीद दिवस☆🇮🇳🇮🇳


चित्तौड़ का वीर- राणा प्रताप
अब यहाँ कहाँ है?
झाँसी की रानी- लक्ष्मी बाई
अब यहाँ कहाँ है??
क्षत्रपति शिवाजी की
लपलपाती वह तलवार कहाँ है?
असली आजादी का जुनून
ठंढा हो छुप गया कहाँ है??

शहिद दिवस पर श्रद्धांजलि
मिल कर सब देते रहना।
'राजनीतिक आजादी' को
झंडा फहराते तुम रहना।।
"सहोदर भाई" की प्रीत जब
सबने है अबतक न जानी।
भूखे- नंगों की नम आँखें
पढ़ कर भी नहीं पहचानी।।

सुपुर्द किया देश को
आतंकी पृथकतावादियों के हाँथों।
ढ़ोल बजा- पंपलेट उनका
हर नुक्कड़-चौराहों पे बाँटो।।
"आर्थिक आज़ादी" की
खातिर कुछ करना है भाई।
गुजर चुँके हैं दो-दो देश की
छाती पर से रे कसाई।।
दहन झेल कर भी आँखें बंद है,
बचाओ मेरे साईं।
शहीद दिवस की महफ़िल में
हुई खूब आफजाही।।
यह मार काट व्यर्थ, हत्याओं से
क्या गौरव बढ़ता है?
मानव मानव है एक

तो क्यों लड़-लड़ मरता है??
अमन-चैन बहाल करने
अवतार नहीं बार बार,
युग संधि पर हीं आता है।
खींची सारी सिमायें तोड़ो-
विश्व बँधुत्व हीं
सद् विप्र समाज बनाता है।।
😢😢😢😢😢😢😢😢
डॉ. कवि कुमार निर्मल
बेतिया, बिहार____✍️
DrKavi Kumar Nirmal--fb
7209833141


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