विश्व विजेता भारत

23 अप्रैल 2021   |  आशा “क्षमा”   (425 बार पढ़ा जा चुका है)

विश्व विजेता भारत


हम तो विश्व विजेता थे .....

ये हम कहां से कहां आ गये ?


स्व शास्त्र भूले, वेद, उपनिषद भूले,

कैसे हमें विदेशी राग भा गये ?


क्या नहीं हमारे पास ? सब कुछ तो है,

दृष्टि बदली तो नजारे बदल गये ।।


यह समय है आत्मावलोकन का,

अतीत था, भविष्य है, सम्हालना वर्तमान बस ।

हम तो विश्व विजेता थे ......

ये हम कहां से कहां आ गये ?


एक-एक मंत्र है एक-एक ज्वालामुखी,

क्या किसी ने कोशिश भी की देखने की ?


ज्ञान इतना इस धरा पर, कल्पना सम्भव नहीं

जा हम कहां रहे, खोज हम क्या रहे ?


हम तो विश्व विजेता थे ......

ये हम कहां से कहां आ गये ?


सब कुछ समाहित हमारे ग्रंथों में

जीवन-लक्ष्य, संसार-रहस्य


ईश्वर-धारणा, धर्म की अवधारणा

करना बस सिर्फ है पालन


विश्व-गुरु से हम स्वयम, शिष्य बन गये


हम तो विश्व विजेता थे .......

ये हम कहां से कहां आ गये ? -------*------- आशा “क्षमा”

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