आ, अब घर लौट चलें

23 अप्रैल 2021   |  आशा “क्षमा”   (391 बार पढ़ा जा चुका है)

, अब घर लौट चलें


, अब घर लौट चलें ....


वर्षों हुए ज्यों घर छोड़े हुए,

अपनों से हृदय को जोड़े हुए ।

भागते रहे, दौड़्ते रहे,

दुनिया औ' धन-दौलत के पीछे ।


, अब अपनों की सुध लें,

, अब घर लौट चलें .....

बच्चे भी ना जानें, घर है क्या ?

सपनों में उड़्ते, पर धरती क्या ?

माता-पिता हैं, पर परिवार कहॉ ?

कोठी-मकान है, पर घर कहॉ ?


, अब बच्चों की सुध लें,

, अब घर लौट चलें ...

विदेश घूमे, वैदेशिक अपनाया,

अपना भूले, पश्चिमी अपनाया ।

महत्व न समझा, धरोहर का,

पूर्वजों का सब हमने भुलाया ।


, अपना सब कुछ सम्हालें,

, अब घर लौट चलें ......


-----*----- आशा क्षमा

अगला लेख: हिंदी हिंदुस्तान की



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
23 अप्रैल 2021
हि
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves/> <w:TrackFormatting/> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedC
23 अप्रैल 2021
01 मई 2021
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आज समूचा देशकोरोना के आतंक से जूझ रहा है... न जाने कितने परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोयाहै... पूरे के पूरे परिवार कोरोना से संक्रमित होते जा रहे हैं... ऊपर से ऑक्सीजनऔर दवाओं की कालाबाज़ारी... जमाखोरी... साथ में तरह तरह की अफवाहें... और इस सबकापरिणाम है कि आज हर कोई डर
01 मई 2021
27 अप्रैल 2021
हि
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves/> <w:TrackFormatting/> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedContent> <w:AlwaysShowPlaceh
27 अप्रैल 2021
24 अप्रैल 2021
लि
<!--[if gte mso 9]><xml> <o:OfficeDocumentSettings> <o:AllowPNG/> </o:OfficeDocumentSettings></xml><![endif]--><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves/> <w:TrackFormatting/> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:Save
24 अप्रैल 2021
30 अप्रैल 2021
आज हरकोई डर के साए में जी रहा है | कोरोनाने हर किसी के जीवन में उथल पुथल मचाई हुई है | जिससे भी बात करें हर दिन यही कहता मिलेगा कि आज उसके अमुकरिश्तेदार का स्वर्गवास हो गया कोरोना के कारण, आज उसका अमुक मित्र अथवा परिचित कोरोना की भेंट चढ़ गया | पूरे के पूरे परिवार कोरोना की चपेटमें आए हुए हैं | हर ओ
30 अप्रैल 2021
18 अप्रैल 2021
बा
रात छोटी सीप्रियतम के संगबात छोटी सी।बड़ी हो गईरिवाजों की दीवारखड़ी हो गई।बात छोटी सीकलह की वजहजात छोटी सी।हरी हो गईउन्माद की फसलघात होती सी।कड़ी हो गईबदलाव की नईमात छोटी सी।बरी हो गईरोक तिमिर- रथप्रात छोटी सी।
18 अप्रैल 2021
24 अप्रैल 2021
हि
<!--[if gte mso 9]><xml> <o:OfficeDocumentSettings> <o:RelyOnVML/> <o:AllowPNG/> </o:OfficeDocumentSettings></xml><![endif]--><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves/> <w:TrackFormatting/> <w:PunctuationKer
24 अप्रैल 2021
18 अप्रैल 2021
★मेरा धन भक्ति- तेरा धन रोकड़★🏢🙏🏢🙏🏢 ☆ 🏢🙏🏢🙏🏢तेरा दर लागे मुझको प्यारा, तेरा जग है न्यारा।सोना लागे खोटा मुझे,हरपल तुझे हीं निहारा।।गगनचुम्बी इमारतें भले हीं तुम उठवालो।कितना भी तुम अपना साम्राज्य बढ़ालो।।गरीबों को चूस तहखानों को भरवालो।चार हीं कंधे तेरे साथ- साथ रे चलेंगे।।पाप छुपाने खातिर
18 अप्रैल 2021
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x