जली चितायें

28 अप्रैल 2021   |  सर्वेश कुमार मारुत   (369 बार पढ़ा जा चुका है)

व्याकुल अति कोरोना ने कहर डहाया हुई प्रचण्ड लाल फिजायें,

पर मिल न सकी ऑक्सीजन और यहाँ अति जली चितायें ।1

जलाने बड़ी देखो होड़ लगी, प्रतिक्षारत में बैठे करके तैयारी।

एक ओर जला-जला पूत रे, दूसरी ओर जली-जली महतारी। 2

-सर्वेश कुमार मारुत

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25 अप्रैल 2021
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