दमक उठता है मनुष्य

03 मई 2021   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (384 बार पढ़ा जा चुका है)

दमक उठता है मनुष्य

आज कोरोना से आतंकित है हर कोई... ऐसे में एकमात्र अवलम्ब है तो वह है हमारा साहस... समझदारी... एक दूसरे का साथ सहयोग... सकारात्मकता... और एक ख़ास बात... हमें उम्मीद का दामन नहीं छोड़ना है... मन में दृढ़ आशा और विश्वास बनाए रखना है कि बहुत शीघ्र इस आपत्ति से मुक्ति प्राप्त होगी... ये वक़्त भी गुज़र जाएगा... नहीं भूलना चाहिए कि दुःख ऐसी कसौटी है जिस पर घिसकर मनुष्य हीरे जैसा दमक उठता है...

जीवन, न अतीत है न भविष्य

वह तो है वर्तमान

इसलिए जीना है हमें साथ आज के

कल क्या था / पता नहीं

कल कैसा होगा ? भान नहीं

तो फिर भय किस बात का

रखना होगा साहस हर परिस्थिति में

करने को साक्षात्कार स्वयं के साथ / पहचानने के लिए स्वयं को ही

क्योंकि जीवन वास्तव में है बड़ी मोहक संरचना प्रकृति की

हाँ ये सत्य है / पड़ भी जाते हैं निशान इस आकर्षक संरचना पर

समय के प्रहार के / संघर्षों के / उथल पुथल के

देनी पड़ जाती हैं न जाने कितनी अग्नि परीक्षाएँ

और वो कठोर परीक्षक छिपा हुआ कहीं

देता है दण्ड हमारी भूलों का / असफलताओं का

जिनसे मिलती है सीख / होता है मार्ग दर्शन

इसलिए जो जीत गया इन सभी चुनौतियों से

और आत्मसात कर ली सारी सीख उस कठोर परीक्षक की

होता है वही भाग्यवान

जीवन में न हो कोई संघर्ष / न हो कोई कष्ट

तो हो जाएगा जीवन एकरस

इसलिए हारना नहीं है इन संघर्षों से कष्टों से

गिरेंगे यदि हम / तो कोई हाथ आगे बढ़ाकर उठा भी लेगा

हार और जीत तो निर्भर करती है हमारी सोच पर

लेना है आनन्द जीवन का / जो जीना होगा हर पल को

बिना डरे / आनन्द के साथ / हर परिस्थिति में

कितना लम्बा जी लिए / नहीं है कोई अर्थ इसका

कितना पूर्ण रूप से जिए / महत्त्व है इसी का

इसलिए गँवाने नहीं हैं जीवन के अमूल्य पल

किसी भय के साए में

घबराना नहीं है संघर्षों से / इम्तहानों से

क्योंकि इन्हीं से तो पता चलता है / सामर्थ्य का अपनी

दुःख है वो कसौटी

किस पर घिसा जाकर दमक उठता है मनुष्य / हीरे जैसा

रखना है ध्यान कि सुख जाता है / तो रिक्त हो जाता है स्थान दुखों के लिए

लेकिन जाता है दुःख / तो सुखों के लिए होता है अवकाश

यही है नियम प्रकृति का / शाश्वत... सत्य... चिरन्तन...

तो आइये, आज में जी लें... आज को सुधार लें... जो अस्वस्थ हैं... हाथ आगे बढ़ा दें उनकी सहायता के लिए... जिस प्रकार भी सम्भव हो... जिनके प्रियजन चले गए हैं दूर सदा सदा के लिए... कन्धा आगे कर दें उन्हें सर टिकाने के लिए... लेकिन सबसे पहले रखें ध्यान अपना स्वयं का... क्योंकि हम होंगे स्वस्थ तभी तो बन सकेंगे दूसरों का भी सहारा... और इसके लिए मास्क, उचित दूरी और सेनिटायिजेशन के नियम का पालन करें पूर्ण निष्ठा के साथ... सभी स्वस्थ रहे... सुखी रहे... नमस्कार...

https://youtu.be/2mYSDVIuqs4

अगला लेख: माँ दुर्गा की उपासना के लिए पूजन सामग्री



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
13 मई 2021
अक्षय तृतीया का अक्षय पर्वॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीनारायणाभ्यां नमःॐ जमदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुराम:प्रचोदयातकल यानी शुक्रवार 14 मई को वैशाख शुक्ल तृतीय अर्थात अक्षयतृतीया का अक्षय पर्व है, जिसे भगवान् विष्णु के छठे अवतारपरशुराम के जन्मदिवस के रूप में भी मनाया जाता है | तृतीयातिथि का आर
13 मई 2021
07 मई 2021
बनकररह जाएगा इतिहासकोरोना के आतंक से आज चारों ओर भय का वातावरण है... जोस्वाभाविक ही है... क्योंकि हर दिन केवल कष्टदायी समाचार ही प्राप्त हो रहे हैं...हालाँकि बहुत से लोग ठीक भी हो रहे हैं, लेकिन जब उन परिवारों की ओर देखते हैंजिन्होंने अपने परिजनों या परिचितों मित्रों को खोया है, तब वास्तव में हर किस
07 मई 2021
11 मई 2021
है समय अब भी संभल जाओ सरल नादान मानव, है समय अब भीसंभल जा |हो रहा है खेल जबकि, सामने जीवनमरण का ||मन में मीठी कल्पना ले, नीड़ स्वप्नों में बनाकर जा रहे उड़ते विहग संकेत सा करतेगगन में |चाँद भी खोया गगन में, जो बना सबका सहारा हो रहा है खेल क्योंकि सामने जीवनमरण का ||हैं थकित तन और मन, हैं थक चुकीं अभिल
11 मई 2021
08 मई 2021
माँ तेरी गोदीमें सर रख सो जाऊँ मैं पल भर को, तो लोरी तू गा देना, दिल को कुछ तो राहत मिल जाएगी | तेरे आँचल कीछाया से बढ़कर नहीं जहाँ की खुशियाँ, सर पर तेरा हाथरहे तो मंज़िल मुझको मिल जाएगी ||कल मातृ दिवस है, मेरी अपनी माँ के साथसाथ संसार की हर माँ को समर्पित हैं कुछ पंक
08 मई 2021
23 अप्रैल 2021
<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves/> <w:TrackFormatting/> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSchemas/> <w:SaveIfXMLInvalid>false</w:SaveIfXMLInvalid> <w:IgnoreMixedContent>false</w:IgnoreMixedC
23 अप्रैल 2021
25 अप्रैल 2021
कोरोना औरमहावीर जयन्तीजय श्रीवर्द्ध्मानाय स्वामिने विश्ववेदिनेनित्यानन्दस्वभावाय भक्तसारूप्यदायिने |धर्मोSधर्मो ततो हेतु सूचितौ सुखदुःखयो:पितु: कारणसत्त्वेन पुत्रवानानुमीयते ||आज चैत्र शुक्ल त्रयोदशी है – भगवान् महावीर स्वामी कीजयन्ती का पावन पर्व | तो सबसे पहले तो सभी कोमहावीर जयन्ती की हार्दिक शुभ
25 अप्रैल 2021
15 मई 2021
नमस्कार मित्रों... आज सभी कोरोना के कारणडरे हुए हैं... एक ऐसा वायरस जिसके रूप में एक अदृश्य शक्ति ने हर किसी को घरोंमें कैद किया हुआ है... किन्तु यह भी सत्य है कि ऐसी कोई रात नहीं जिसकी सुबह नहो... इसीलिए है विश्वास कि शीघ्र ही सुख का सवेरा होगा और कष्ट की इस बदली कोचीरता सूर्य चारों ओर अपनी मुस्करा
15 मई 2021
30 अप्रैल 2021
आज हरकोई डर के साए में जी रहा है | कोरोनाने हर किसी के जीवन में उथल पुथल मचाई हुई है | जिससे भी बात करें हर दिन यही कहता मिलेगा कि आज उसके अमुकरिश्तेदार का स्वर्गवास हो गया कोरोना के कारण, आज उसका अमुक मित्र अथवा परिचित कोरोना की भेंट चढ़ गया | पूरे के पूरे परिवार कोरोना की चपेटमें आए हुए हैं | हर ओ
30 अप्रैल 2021
05 मई 2021
मानवता हैचिन्तातुर बनी बैठी यहाँआज जीवन से सरल है मृत्यु बन बैठी यहाँ और मानवता है चिन्तातुर बनी बैठी यहाँ ||भय के अनगिन बाज उसके पास हैं मंडरा रहे और दुःख के व्याघ्र उसके पास गर्जन कर रहे ||इनसे बचने को नहीं कोई राह मिलती है यहाँ |और मानवता है चिन्तातुर बनी बैठी यहाँ ||श्वासऔर प्रश्वास पर है आज पहर
05 मई 2021
23 अप्रैल 2021
📙📓📘📗📗📘📓📙📘📗पुस्तक दिवस📗📘📓📙📓📘📗📗📘📓📙पुस्तकों का अंबार कहाँ-अब एण्ड्रॉयड का खेल है।विमोचन औन लाइन-'इंटरनेट' एक्सप्रेस-मेल है।।शीलालेख से भोजपत्र की दौड़-अब ई पेपर टेल है।सृजन कर सेयर करलो -ग्रुप्स की चल रही रेल है।।बिचारा विद्यार्थी उदास-लटकाये बस्ता कई सेर है।तक्षशिला राख हुई-खुदाबख्
23 अप्रैल 2021
09 मई 2021
मदर्स डेआज मातृदिवस यानी “मदर्स डे” है | सर्वप्रथम सभीको मदर्स डे की अनेकशः हार्दिक शुभकामनाएँ... यों भारत जैसे परम्पराओं का निर्वाहकरने वाले देश में ऐसे बहुत सारे पर्व आते हैं जो केवल और केवल मातृ शक्ति को हीसमर्पित होते हैं... जिनमें सर्वप्रथम तो ये जितने भी देवता हैं उन सबकी पूजा उनकीदेवियों के स
09 मई 2021
27 अप्रैल 2021
हनुमान जयन्तीआज चैत्र पूर्णिमा है... और कोविडमहामारी के बीच आज विघ्नहर्ता मंगल कर्ता हनुमान जी – जो लक्ष्मण की मूर्च्छा दूरकरने के लिए संजीवनी बूटी का पूरा पर्वत ही उठाकर ले आए थे... जिनकी महिमा का कोईपार नहीं... की जयन्ती है… जिसे पूरा हिन्दू समाज भक्ति भाव से मनाता है... कल दिनमें बारह बजकर पैंताल
27 अप्रैल 2021
30 अप्रैल 2021
कोरोना बीमारी की दूसरी लहर ने पूरे देश मे कहर बरपाने के साथ साथ भातीय तंत्र की विफलता को जग जाहिर कर दिया है। चाहे केंद्र सरकार हो या की राज्य सरकारें, सारी की सारी एक दूसरे के उपर दोषरोपण में व्यस्त है। जनता की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण चुनाव प्रचार हो गया है। दवाई, टीका, बेड आदि की कमी पूरे देश मे
30 अप्रैल 2021
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x