है कौन ये अदृश्य

22 मई 2021   |  कात्यायनी डॉ पूर्णिमा शर्मा   (420 बार पढ़ा जा चुका है)

है कौन ये अदृश्य

मित्रों, रात कितनी ही बड़ी क्यों न हो, हर रात का सवेरा होता है... इस कोरोना की भयानक अँधियारी रात भी बीतेगी और सुख का उजियाला हर ओर फैलेगा... किंचित लालिमायुत उषा को आगे करके अरुण रथ पर सवार भोर का सूरज आशा का संदेसा लेकर आएगा... यदि हम सावधान रहकर करते रहे पालन कोरोना के नियमों का... और एक बात, वैक्सीन लेना न भूलें... क्योंकि वैक्सीन बहुत बड़ा अस्त्र है इस युद्ध में, तो वैक्सीन लेना न भूलें... आप कह सकते हैं कि वैक्सीन के बाद भी कुछ लोग क्यों हारे जा रहे हैं इस बीमारी से... तो इसका कारण तो हमारे वैज्ञानिक खोजेंगे... क्योंकि वैक्सीन लेकर भी यदि तनिक भी लापरवाह हुए तो वायरस से संक्रमित हो सकते हैं... लेकिन उसका इतना विकराल रूप नहीं होगा ऐसा डॉक्टर्स कहते हैं... तो, सभी स्वस्थ रहें, रोगमुक्त रहें, यही कामना है... कात्यायनी...

https://youtu.be/EHPmDDz7khs

अगला लेख: बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
22 मई 2021
मन के कागज पर🎄🎄🎄मन की कविता🎄🎄🎄मन के कागज पर बस लिखता जाऊँमन की व्यथा सुधिजनों तक पहुँचाऊँकुछ अपनी कुछ जग की बात बतलाऊँमन से कागज की सुंदर एक नाँव बनाऊँक्षीरसागर तक बह कर विष्णुलोक तक जाऊँहरि से एक टूक बात मन की आज मैं बताऊँलक्ष्मी को भी खरी खोटी मन भर आज सुनाऊँदु:ख प्रतारण असह्य दिया माँ स
22 मई 2021
20 मई 2021
📿बंद दरवाजे़ पर दस्तक📿बंद दरवाज़े पर दस्तकजरा भी नहीं सुहाती हैअंदर की बात बाहर सेसमझ में नहीं आती हैलगा कान दरवाजे से-गर नहीं कुछ सुना हैजानते हैं हम- मगरघर नहीं रहा कभी सूना हैबंद दरवाज़े पर दस्तक दी-आवाज कुछ आनी हैसुराखों से पार हो मौत-गहरी नींद सुला जानी हैगंदी हवा(MP)कहा इसको-कँपा शांत कर ले ज
20 मई 2021
12 मई 2021
आज जिस प्रकार आतंक औरभय का वातावरण दीख पड़ रहा है – चाहे वो कोरोना जैसी महामारी के कारण हो, या पिछले दिनों बंगाल में जिस प्रकार हिंसक घटनाएँघटीं उनको देखते हुए हो – इस प्रकार के वातावरण में तो वास्तव में ईश्वर याद आताही है सभी को... जो लोग दूसरों की ह्त्या करते हैं, या जो लोग ऑक्सीजन और दवाओं की जमाख
12 मई 2021
15 मई 2021
नमस्कार मित्रों... आज सभी कोरोना के कारणडरे हुए हैं... एक ऐसा वायरस जिसके रूप में एक अदृश्य शक्ति ने हर किसी को घरोंमें कैद किया हुआ है... किन्तु यह भी सत्य है कि ऐसी कोई रात नहीं जिसकी सुबह नहो... इसीलिए है विश्वास कि शीघ्र ही सुख का सवेरा होगा और कष्ट की इस बदली कोचीरता सूर्य चारों ओर अपनी मुस्करा
15 मई 2021
26 मई 2021
बुद्ध पूर्णिमा “स्त्री तब तक “चरित्रहीन” नहींहो सकती, जब तक पुरुष “चरित्रहीन” न हो | आज हम जो कुछ भीहैं वो हमारी आज तक की सोच का परिणाम है | इसलिए अपनी सोच ऐसी बनानी चाहिए ताकि क्रोध न आए | क्योंकि हमें अपने क्रोध के लिए दण्ड नहीं मिलता, अपितुक्रोध के कारण दण्ड मिलता है | क्रोध एक ऐसा जलता हुआ कोयला
26 मई 2021
20 मई 2021
कोरोना की विकरालता तोकुछ कम हुई है, जिसे देखकर अभी तो ऐसा प्रतीत होता है कि बहुत शीघ्र इस कष्टसे संसार को मुक्ति प्राप्त होगी... किन्तु अभी बहुत लम्बा मार्ग तय करना है जीवनको पुनः सामान्य स्थिति में लाने के लिए... जो घाव इस बीमारी ने दिए उन्हें भरनेमें वास्तव में बहुत समय लगेगा... किन्तुसाथ ही हम एक
20 मई 2021
11 मई 2021
है समय अब भी संभल जाओ सरल नादान मानव, है समय अब भीसंभल जा |हो रहा है खेल जबकि, सामने जीवनमरण का ||मन में मीठी कल्पना ले, नीड़ स्वप्नों में बनाकर जा रहे उड़ते विहग संकेत सा करतेगगन में |चाँद भी खोया गगन में, जो बना सबका सहारा हो रहा है खेल क्योंकि सामने जीवनमरण का ||हैं थकित तन और मन, हैं थक चुकीं अभिल
11 मई 2021
08 मई 2021
माँ तेरी गोदीमें सर रख सो जाऊँ मैं पल भर को, तो लोरी तू गा देना, दिल को कुछ तो राहत मिल जाएगी | तेरे आँचल कीछाया से बढ़कर नहीं जहाँ की खुशियाँ, सर पर तेरा हाथरहे तो मंज़िल मुझको मिल जाएगी ||कल मातृ दिवस है, मेरी अपनी माँ के साथसाथ संसार की हर माँ को समर्पित हैं कुछ पंक
08 मई 2021
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x