संसद का तिहाई हिस्सा रहा दागी नेताओं के हवाले, आंकड़ा 34% के पार

22 जनवरी 2019   |  अंकिशा मिश्रा   (304 बार पढ़ा जा चुका है)

संसद का तिहाई हिस्सा रहा दागी नेताओं के हवाले, आंकड़ा 34% के पार

हर 5 साल बाद भारत में एक चुनावी लहर आती है, जैसे ही लोकसभा चुनावों का बिगुल बजता है।चारों ओर बस चुनावी माहौल गरमाया हुआ होता है। चुनाव आते ही सभी नेता अपने-अपने पार्टियों के साथ जनता के पास पहुंच जाते हैं और फिर शुरू होता है राजनीति का खेल।


सभी दल जनता को बताते हैं कि कौन सी पार्टी कितनी भ्रष्ट है, किस पार्टी में कितने अपराधी हैं कौन सी पार्टी आपके लिए सही है। लेकिन वो कहावत तो अपने सुनी ही होगी “चोर-चोर मौसेरे भाई” कुछ ऐसा ही हिसाब हमारे प्रिय नेताओं का है।


भ्रष्टाचार और अपराधों का एक-दूसरे पर इल्ज़ाम लगाते वक़्त ये भूल जाते हैं कि इनकी पार्टी के नेता या ये खुद भी किसी अपराध में शामिल हैं। गौरतलब है कि 2019 लोकसभा चुनावों का बिगुल अभी ठीक से बजा भी नहीं है और ये चुनावी माहौल गरमाने लगा है।


हर तरफ अब बस राजनीति का माहौल है। ऐसे में अगर आपको ये पता चले की हमारी लोकसभा में कुल सांसदों में से 34% सांसद अपराधी हैं तो इस चुनावी माहौल में कितना उबाल आएगा ? और क्या ये नेता जनता के सवालों का जवाब दे पाएंगे ?


बता दें कि ये सिर्फ एक पार्टी या किसी एक नेता के लिए उठते सवाल नहीं हैं बल्कि ये सवाल भारत की हर पार्टी और हर अपराधी नेता के लिए हैं। आइये जानते हैं एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के अनुसार लोकसभा के कितने सांसदों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।


एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के अनुसार लोकसभा सांसदों पर दर्ज आपराधिक मुकदमे


एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के अनुसार लोकसभा के 543 में से 185 सांसदों पर आपराधिक मामले और 112 सांसदों पर गंभीर आपराधिक मामलों पर मुकदमे दर्ज हैं।


आपराधिक पृष्ठभूमि


आपराधिक मामलों वाले सांसद


543 में से 185 (34 प्रतिशत) सांसदों पर आपराधिक मामलों पर मुकदमे दर्ज हैं।

गंभीर आपराधिक मामलों वाले सांसद


543 में से 112 (21 प्रतिशत) सांसदों पर गंभीर आपराधिक मामलों पर मुकदमे दर्ज हैं। जिसमें हत्या, हत्या का प्रयास, सांप्रदायिक दंगे, अपहरण, बलात्कार, महिलाओं के ऊपर अत्याचार इत्यादि मामले शामिल हैं।


हत्या से संबंधित मामलों वाले सांसद

10 सांसदों ने अपने ऊपर हत्या से संबंधित मामले (आईपीसी -302) घोषित किये हैं। जिसमें भाजपा के 4 सांसद, कांग्रेस, एनसीपी, एलजीपी, आरएलडी और स्वाभिमानी पक्ष प्रत्येक के एक उम्मीदवार और एक निर्दलीय सांसद शामिल हैं।


हत्या के प्रयास से संबंधित मामलों वाले सांसद

17 सांसदों ने अपने ऊपर हत्या का प्रयास (आईपीसी-307) से संबंधित मामले घोषित किये हैं। इसमें भाजपा के 10 सांसद, एआईटीसी के 2 सांसद और कांग्रेस, एनसीपी, आरएलडी, स्वाभिमानी पक्ष और शिवसेना प्रत्येक के 1 सांसद शामिल हैं।


महिलाओं के ऊपर अत्याचार के संबंधित मामलों वाले सांसद

एडवोकेट जोईस जॉर्ज (केरल, इडुक्की लोकसभा सीट/ निर्दलीय ) ने अपने ऊपर आईपीसी धारा 354 के तहत “स्त्री की लाज भंग करने और आपराधिक बल का प्रयोग” से सम्बंधित मामला और अहिर हंसराज गंगा राम (महाराष्ट्र, चंद्रपुरा लोकसभा सीट/ भाजपा) ने अपने ऊपर आईपीसी धारा 366 के तहत महिला के ऊपर अत्याचार से सम्बंधित मामला घोषित किया है।


साम्प्रदायिक अशांति फ़ैलाने के संबंधित मामलों वाले सांसद

16 सांसदों ने अपने ऊपर साम्प्रदायिक अशांति फ़ैलाने के संबंधित मामले घोषित किये हैं। इसमें भाजपा के 12, टीआरएस, पटाली मक्कल कची, ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहाद मुस्लिमीन और एआईयूडीएफ प्रत्येक के 1 सांसद शामिल है।


लूट या डकैती से सम्बंधित मामले वाले संसद


10 सांसदों के ऊपर लूट या डकैती से संबंधित मामलों को घोषित किया गया है।


अपहरण से सम्बंधित मामलों वाले सांसद


7 सांसदों ने अपने ऊपर अपहरण से सम्बंधित मामला घोषित किया है। इसमें भाजपा के 3, एआईटी, एलजीपी, आरएलडी, और निर्दलीय प्रत्येक के 1 सांसद शामिल है।


दल के अनुसार सांसदों के आपराधिक मामलों का विवरण

दल

कुल सांसद

आपराधिक मामले

गंभीर आपराधिक मामले

कुल प्रतिशत

BJP

281

98

63

35%

INC

44

8

3

18%

AIADMK

37

6

3

16%

AITC

34

7

4

21%

BJD

20

3

2

15%

SHIV SENA

18

15

8

83%

TDP

16

6

1

38%

TRS

11

5

5

46%

OTHERS

39

12

7

31%

TOTAL

542

185

112

34%



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मेहनत से लिखा गया लेख

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