क्या है रहस्य जो 'जय श्री राम' के नारे से इतना चिढ़ती है ममता बनर्जी

31 मई 2019   |  हिना   (29 बार पढ़ा जा चुका है)

क्या है रहस्य जो 'जय श्री राम' के नारे से इतना चिढ़ती है ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को जय श्री राम के नारे लगाने वाले लोगों पर भड़क उठीं । गाड़ी से उतर कर नारेबाजी करने वाले लोगों को धमकी दीं। सिर्फ इतना ही नहीं उक्त नारेबाजी को लेकर पुलिस ने गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। अब सवाल यह उठता है कि क्या बंगाल में जय श्री राम बोलने पर पाबंदी है? क्या यह अपराध है? जवाब है नहीं। तो ममता बनर्जी ने ऐसा क्यों किया ? मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस पर क्यों एतराज है? चुनावी सभाओं में सभा मंच से संस्कृत में देवी दुर्गा, देवी काली की अराधना का मंत्रोच्चार करने वाली ममता बनर्जी जय श्री राम के नारे से क्यों चिढ़ती हैं ?


इस विषय पर लोग तमाम तरह की बातें कहते हैं। कोई उन्हें हिन्दू विरोधी कहता है, तो कोई कुछ और..., लेकिन हकीकत ये नहीं है। ममता बनर्जी हिन्दू विरोधी नहीं हैं। एक साल पहले तक उन्हें किसी के जय श्री राम बोलने पर ऐतराज नहीं था। पिछले साल की राम नवमी के बाद से जय श्री राम के नारे से उन्हें एलर्जी होने लगी है।


क्या हुआ था पिछले साल रामनवमी को


राजनीति के जानकारों के अनुसार पश्चिम बंगाल भारत का एकमात्र प्रदेश था, जहां सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस का हिन्दू और मुस्लिम दोनों वोट बैंक पर कब्जा था। इसलिए राज्य में ममता बनर्जी को परास्त करना किसी पार्टी के लिए आसान काम नहीं था। बंगाल की सत्ता पर काबिज होने के लिए बेताब भाजपा के नेता भी इस बात को जानते थे। भाजपा के लिए मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाना संभव नहीं था। फिर ममता बनर्जी के हिन्दू वोट बैंक में सेंध के उद्देश्य से भाजपा और उससे जुड़े संगठन आरएसएस, वीएचपी, हिन्दू संहिता आदि ने पिछले साल रामनवमी के उपलक्ष्य में राज्य की विभिन्न जगहों पर सशस्त्र जुलूस निकलवाया। बड़े पैमाने पर जय श्री राम के नारे लगवाए। वे जानते थे कि कड़े तेवर की ममता बनर्जी इसका विरोध करेंगी। ममता बनर्जी भाजपा की चाल को समझ नहीं पाईं और जाल में फंस गई। उन्होंने रामनवमी के जुलूस का जोरदार विरोध किया। भाजपा ने इसका खूब प्रचार किया। इससे ममता बनर्जी को दोहरा नुकसान हुआ। एक तरफ कुछ हिन्दू वोट अलग हुआ, दूसरी तरफ कुछ लोग उन्हें हिन्दू विरोधी मानने लगे।


आगे कुआं पीछे खाई की हालत


उक्त घटना ने ममता बनर्जी को ऐसे रास्ते पर लाकर खड़ा कर दिया है, जिसमें आगे कुआं और पीछे खाईं है। अगर वे हिन्दुओं के समर्थन में कुछ कहें या करें तो मुस्लिम वोट अलग होने का और अगर मुस्लमानों के समर्थन में कुछ कहें या करें तो हिन्दू वोट अलग होने का डर सतता है। लम्बी लड़ाई के बाद कम्युनिस्टों की सरकाऱ को बंगाल की सत्ता से उखाड़ फेंकने वाली ममता बनर्जी को जय श्री राम के नारे का विरोध काफी महंगा पड़ा। इसलिए ममता बनर्जी को जय श्री राम का नारा चुभता है। यह नारा सुनने पर वह चिढ़ जाती हैं।



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें

शब्दनगरी से जुड़िये आज ही

सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x