राहुल गांधी को अपने नाम की वजह से ना सिम मिला ना लोन !

31 जुलाई 2019   |  स्नेहा दुबे   (461 बार पढ़ा जा चुका है)

राहुल गांधी को अपने नाम की वजह से ना सिम मिला ना लोन !

दुनिया में बहुत सी चीजें अजीबों गरीब हैं और लोगों को ऐसी ही चीजें पसंद होती है। अगर किसी इंसान का नाम किसी सेलिब्रिटीज से मिलता जुलता है तो लोग उनका मजाक बनाने लगते हैं। कुछ ऐसा ही हाल मध्य प्रदेश के इस युवक के साथ हुआ जब अपने नाम के कारण कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। असल में इस युवक का नाम राहुल गांधी है और इसे इसके नाम के कारण फर्जी नाम वाला समझा जा रहा है जिसकी वजह से इन्हें बहुत सी समस्याएं उठानी पड़ी। ये एक ऐसी समस्या है जिसे सुनकर आपको भी लगेगा कि गरीब इंसान को बड़े आदमी का नाम रखने पर कैसा लगता है ?


राहुल गांधी के नाम से हो रही है समस्या


राहुल गांधी

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में रहने वाले एक युवक का नाम राहुल और उसका सरनेम गांधी है। उसके राहुल गांधी के नाम के कारण उसे कोई सीरियसली नहीं लेता है। राहुल को अगर मोबाइल के लिए सिम लेने जाना होता था तो कंपनी वाले उसकी आईडी को फर्जी मानकर दस्तावेज रिजेक्ट कर देते हैं। यहां तक जब उसे पढ़ाई के लिए लोन लेना था तो भी उसे नहीं मिल पाया। कंपनी वालों को लगता है कि कोई लड़का फर्जी आईडी से ये सभी चीजें कर रहा है। 23 साल के राहुल के पिता राजेश गांधी एक कपड़ा व्यापारी हैं और वे एरोड्रम रोड पर अखंडनगर इलाके में रहते हैं। इनका कहना है कि राहुल नाम और गांधी सरनेम के कारण कोई कंपनी उनके बेटे को सिम नहीं दे रही थी। इस वजह से वो अपने भाई की आईडी से सिम खरीदने गया। तंग आकर राहुल ने गांधी सरनेम हटाकर समाज के नाम से मालवीय लगा लिया और अब अपने सारे डॉक्यूमेंट्स राहुल मालवीय के नाम से फिर से बनवाया है क्योंकि उसके नाम राहुल गांधी को कोई सीरियस नहीं लेता है।


भाई के नाम से दस्तावेज से जुड़ी सभी कार्यवाही करते थे और हाल ही में उन्होंने लोन के लिए आवेदन किया था तो बैंक ने इंकार कर दिया तो वे काफी परेशान से रहने लगे थे। इसके बाद नाम से सरनेम हटाया और सभी डॉक्यूमेंट्स बनवाए। राहुल ने कहा- इन्हीं वजहों से उन्होंने अपना ड्राइविंग लाइसेंस अभी तक नहीं बनवाया क्योंकि वहां भी उन्हें ऐसी ही समस्याओं का सामना करना पड़ता।


काल लोन लेने पर हंस पड़ी कर्मचारी


राहुल गांधी

इंदौर निवासी राहुल कार लोन लेने के लिए जब एक कंपनी में फोन करता है तो उनसे पहले काफी अच्छे से बातचीत की गई। इसके बाद प्लान बनाने के लिए उनसे उनका नाम पूछा गया तो राहुल ने अपना नाम बताया। नाम बताते ही कंपनी की महिला कर्मचारी जोर से हंसने लगीं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आप दिल्ली से इंदौर कब आ गए ? आखिर में इस फोन को फर्जी समझकर उन लोगों ने फोन काट दिया. राहुल के पिता राजेश बीएसएफ में वॉटरमैन थे और सभी उन्हें गांधी-गांधी बुलाते थे। राहुल ने बताया कि इसी वजह से उन्होंने अपने नाम के आगे गांधी लगाना शुरु कर दिया और बाद में उनके स्कूल में भी उऩका नाम उनके पिता ने राहुल गांधी लिखवा दिया। 23 साल से ज्यादातर मार्कशीट और डॉक्यूमेंट्स में यही नाम चला आ रहा था।

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