ये ही है मेरा हिन्दुस्तान

20 जनवरी 2020   |   संजय चाणक्य   (8613 बार पढ़ा जा चुका है)



🔴 संजय चाणक्य

कुशीनगर। " हिन्दू-मुस्लिम सिख-इसाई के आखों का तारा है। अपने वतन का जर्रा-जर्रा हमको जान से प्यारा है।। रंग-बिरंगे फूलो जैसे हर मजहब के लोग यहां। सबकी अपनी अपनी बोली सबकी अपनी अलख जुबां।। गंगा-यमुना से मिलकर अमृत के धारा बहते है। पर्वत से ये गिरते झरने झूम - झूम के कहते है।

ये ही मेरा हिन्दुस्तान, ये ही है मेरा हिन्दुस्तान।।

गोरखपुर से पधारे युवा कवि वसीम मजहर की यह गीत सुन पूरा पाण्डाल तालियों के गडगराहट से गूंज उठा। अवसर था रेडियो प्रज्ञा, उद्गम पब्लिक स्कूल एंव विमर्श साहित्यक संस्थान के संयुक्त तत्वावधान मे रविवार को आयोजित " विराट कवि सम्मेलन एंव सम्मान समारोह।"

नगर के उद्गम पब्लिक स्कूल मे आयोजित इस कार्यक्रम का श्री गणेश कवि मनंजय तिवारी ने माँ सरस्वती को नमन करते हुए अपनी रचना पढी....

"दीया जरा द माई बिना तेल बाती के।

ज्ञान बिना देहिया बेकाम बाटे माटे के।।" कवि सम्मेलन के आगाज मे कवि श्री तिवारी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना को श्रोताओं ने तालियों की गडगराहट के साथ इस्तकबाल किया। इसके बाद संचालक ने कवित्री नीलू द्विवेदी को आमंत्रित किया।

" तू बच्ची थी तो तारी गई, पहले तू कोख मे मारी गई। तेरी मीठी है मुस्कान, मानी नही गई संतान, हाय तौबा हाय तौबा।।

कली से जब तू फूल हुई सबके आखो की शूल हुई। अपमान जहर पीना न पडे घूठ घूट कर जीना न पडे।। हाय तौबा हाय तौबा.... ।। कवित्री नीलू द्विवेदी की ओर से कन्या भ्रूण हत्या पर प्रस्तुत की गई मार्मिक पंक्ति ने उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।


कवि सम्मेलन का सफल संचालन कर रहे कवि संजय मिश्र संजय ने माइक थामते ही मंच पर अपनी उपस्थिति का एहसास कुछ इस अंदाज मे कराया...

"वह मुझसे दूर जाना चाहता है, मगर कोई बहाना चाहता है।

मै दामन साफ रखू भी तो कहा तक, वह फिर तोहमत लगाना चाहता है।।

वह मुझको चाहता है दिल ही दिल मे, जिसको सारा जमाना चाहता है।

गमो को ढालकर अपनी गजल मे ये संजय गुनगुनाना चाहता है।।" जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। श्रोताओं के उत्साह से बशीभूत संजय मिश्र ने फिर उसी अंदाज में यह गीत पढी.... ।

दूर तुम्हारा थाव रे सजना, दर तुम्हारा थाव कैसे आऊ पास तुम्हारे मेरे छोटे पाव.... ।।

कडी को आगे बढाते हुए बहराइच से पधारे कवि धर्मेन्द्र अकिंचन ने अपनी रचना कुछ इस अंदाज मे पढी.....

" भाव की मंदाकिनी हू,मै तुम्हारी आस हू।"

प्रयागराज से पधारे युवा कवि सत्यम पाण्डेय ने......

"राग से रानी का मिलन होगा कब, शब्द से वर्तनी का मिलन होगा कब।। रातभर गीत मै गुनगुनाता रहा, चाँद को छत से अपने बुलाता रहा।।" मनभावन गीत प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। महराजगंज के कवि आलोक शर्मा बेटी की महत्ता को अपने शब्दों मे कुछ इस अंदाज मे पिरोकर प्रस्तुत किया.... ।

" एक ही मुस्कान तेरी हर खुशी की आस है, हो गया वह धन्य आज, बेटी जिसके पास है। जनक की तनया कहू तुझे, या कीर्ति की जान हो। कोख से आयी भले तू, सृष्टि की पहचान हो।।" इस गीत पर दर्शकों के तालियो की गडगराहट और वाहवाही से एक बार फिर पुरा पाण्डाल गुंजायमान हो उठा।


कवित्री रेणुका चौहान, युवा कवि सुजीत पाण्डेय, अश्विनी दूबे, नंदलाल सिंह, मुजीम सिद्धिकी, विमर्श साहित्यक संस्था के अध्यक्ष आरके भट्ट बावरा, मधुसूदन पाण्डेय आदि ने अपनी रचना प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। अंत मे कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे जगदीश खेतान " काश मेरी साली होती..... हास्य पंक्ति प्रस्तुत कर उपस्थित श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।

🔴 दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ

रेडियो प्रज्ञा, उद्गम पब्लिक स्कूल एवं विमर्श साहित्यक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में नगर के उद्गम पब्लिक स्कूल के प्रांगण मे आयोजित कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह का शुभारंभ जिलाधिकारी डा0अनिल कुमार सिंह द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प हार अर्पित करने के पश्चात दीप प्रज्वलित करके किया गया। इस दौरान रेडियो प्रज्ञा के प्रबंध निदेशक परशुराम श्रीवास्तव, उद्गम पब्लिक स्कूल के श्याम बंका, विमर्श साहित्यक संस्था के अध्यक्ष आरके भट्ट बावरा, तेज नारायण श्रीवास्तव, आशुतोष बंका, मुजीब सिद्धिकी, जय कृष्ण शुक्ल आदि उपस्थित रहे। बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी डा0अनिल कुमार सिंह ने कहा कि कविताएँ समाज को नई दिशा प्रदान करती हो।उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि समाज फैले कुरितियो पर कविता के माध्यम से कवि बेबाकी से प्रहार करता है।


🔵 विभिन्न विधाओं के लोगो को किया गया सम्मानित

इस अवसर पर विभिन्न विधाओं मे पारागंत अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभूतियों को सम्मानित किया गया। इसमे प्रमुख रूप से समाज सेवा के क्षेत्र में दीप नारायण अग्रवाल डॉक्टर अरुण गौतम, हनुमान इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य शैलेन्द्र दत्त शुक्ला, विजय पांडे चिकित्सा के क्षेत्र में डॉक्टर संदीप अरुण श्रीवास्तव, दलीप तुलस्यान साहित्य के क्षेत्र में अकाश महेश पूरी, फिरोज अश्क लक्ष्मीगंजवी, संगीत के क्षेत्र मे अन्तर्राष्ट्रीय भजन गायक अनीश सोनी पत्रकारिता के क्षेत्र में अशोक शुक्ल, संजय चाणक्य, अखिलेश तिवारी शैलेश उपाध्याय, खुर्शेद आलम, संतोष वर्मा, पिंटू मिश्रा, आदित्य श्रीवास्तव, मनोज पासवान आदि को सम्मानित किया गया और समाज में किए जा रहे हैं उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई है।


🔴 आभार जताया

और अंत मे रेडियो प्रज्ञा के प्रबंध निदेशक परशुराम श्रीवास्तव, उद्गम पब्लिक स्कूल के श्याम बंका, विमर्श साहित्यक संस्था के अध्यक्ष आरके भट्ट ने सभी आगन्तुको के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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